कांग्रेस के मुख्यमंत्री के चयन में गठबंधन की कोई भूमिका नहीं: वरिष्ठ नेता हासन
कांग्रेस के मुख्यमंत्री के चयन में गठबंधन की कोई भूमिका नहीं: वरिष्ठ नेता हासन
तिरुवनंतपुरम/दिल्ली, 12 मई (भाषा) केरल में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की चुनावी जीत के बाद मुख्यमंत्री के चयन को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम एम हासन ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस विधायक दल के नेता के चयन में गठबंधन की कोई भूमिका नहीं है।
सहयोगी दलों के रुख से निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंकाओं को खारिज करते हुए हासन ने कहा कि विधायक दल के नेता और मुख्यमंत्री का चयन कांग्रेस स्वयं करेगी।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष ने पार्टी आलाकमान द्वारा आयोजित बैठकों में भाग लेने से पहले नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘कांग्रेस स्वयं अपने विधायक दल के नेता का चुनाव करेगी। गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के विधायक दल के नेता का चुनाव नहीं करते हैं।’
कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के प्रमुख घटक इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) द्वारा मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वरिष्ठ नेता वी डी सतीशन को दिए गए समर्थन से संबंधित सवालों के जवाब में उन्होंने ये टिप्पणी की।
केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा के लिए दिल्ली आमंत्रित वरिष्ठ नेताओं में से एक हासन ने मुख्यमंत्री की घोषणा में देरी को लेकर हो रही आलोचना को भी कम करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आमतौर पर चुनाव के बाद विधायक दल के नेता और मुख्यमंत्री का फैसला करने में लगभग एक सप्ताह का समय लेती है और इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की ‘असामान्य देरी’ नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, “यूडीएफ सत्ता में इसलिए आया क्योंकि जनता की राय उसके पक्ष में थी। आलाकमान ने निर्वाचित विधायकों से राय ली है और अब हमसे भी परामर्श कर रहा है। आलाकमान जो भी फैसला लेगा, वह सभी को स्वीकार्य होगा।”
वरिष्ठ नेता ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास रहा है कि वह विधानसभा चुनाव न लड़ने वाले नेताओं को भी मुख्यमंत्री नियुक्त करती रही है। यह बात अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल की उम्मीदवारी को लेकर चल रही अटकलों के बीच कही गई।
उन्होंने कहा कि एआईसीसी शीर्ष पद के दावेदार माने जा रहे तीन प्रमुख नेताओं के बारे में उचित निर्णय लेगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थिरुवनचूर राधाकृष्णन को परामर्श के लिए दिल्ली बुलाया गया था और राधाकृष्णन ने कहा कि उनकी किसी विशेष गुट के प्रति कोई निष्ठा नहीं है।
उन्होंने कहा, “मैं केवल मेरे समक्ष रखे गए मामलों के आधार पर ही अपनी राय व्यक्त कर सकता हूं। हम नए मुख्यमंत्री के चयन के अंतिम चरण में हैं और मुझे आशा है कि वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा के बाद जल्द से जल्द अंतिम निर्णय लिया जाएगा।”
नेतृत्व के मुद्दे पर जारी अनिश्चितता के बीच, कांग्रेस आलाकमान अंतिम निर्णय पर पहुंचने से पहले केपीसीसी के पूर्व अध्यक्षों, कार्यकारी अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं से परामर्श कर रही है।
दिल्ली बुलाए गए नेताओं में पूर्व केपीसीसी अध्यक्ष वी एम सुधीरन, मुल्लापल्ली रामचंद्रन, के मुरलीधरन, के सुधाकरन और एम एम हासन शामिल हैं।
वरिष्ठ विधायक थिरुवनचूर राधाकृष्णन और कार्यकारी अध्यक्ष पी सी विष्णुनाथ, शफी परम्बिल और ए पी अनिल कुमार को भी चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नेताओं के साथ मंगलवार को चर्चा जारी है और जल्द ही निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री पद के तीन मुख्य दावेदार वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, वी डी सतीशन और के सी वेणुगोपाल हैं।
केरल विधानसभा चुनाव नौ अप्रैल को हुए थे और परिणाम चार मई को घोषित किए गए।
यूडीएफ ने केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में कुल 102 सीटें जीतीं जो बहुमत के आंकड़े से दो-तिहाई अधिक है।
भाषा
राखी नरेश
नरेश

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