संशोधित एमएमडीआर अधिनियम ‘विकसित झारखंड’ से जुड़े प्रयासों का हिस्सा : अन्नपूर्णा देवी

संशोधित एमएमडीआर अधिनियम ‘विकसित झारखंड’ से जुड़े प्रयासों का हिस्सा : अन्नपूर्णा देवी

संशोधित एमएमडीआर अधिनियम ‘विकसित झारखंड’ से जुड़े प्रयासों का हिस्सा : अन्नपूर्णा देवी
Modified Date: September 26, 2026 / 07:19 pm IST
Published Date: September 26, 2026 7:19 pm IST

रांची, 26 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने शनिवार को कहा कि संशोधित खनन कानून ‘विकसित भारत’ के साथ-साथ ‘विकसित झारखंड’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), लोगों को गुमराह करने और भ्रम पैदा करने के लिए ‘खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर) अधिनियम का विरोध कर रहे हैं।

देवी ने यहां प्रदेश भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण को गति देने और हर राज्य को आगे ले जाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। खनन अधिनियम में संशोधन इसी दिशा में किए जाने वाले प्रयासों का हिस्सा है। एमएमडीआर अधिनियम ‘विकसित भारत’ के साथ-साथ ‘विकसित झारखंड’ के नजरिये को भी मजबूत करेगा। कानून का मुख्य उद्देश्य खनन क्षेत्र में कर व्यवस्था को पूरी तरह सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।”

संसद ने अगस्त में ‘खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2026’ पारित किया। इस कानून का मकसद खनिज अधिकारों और खनिज वाली जमीनों पर कर लगाने के राज्यों के अधिकारों को सीमित करना है।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री देवी ने कहा कि इस संशोधन से राज्य में नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि इससे झारखंड में युवाओं को नौकरी मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे पलायन को काफी हद तक रोकने में मदद मिलेगी।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में