इस्तीफे की अटकलों के बीच सिद्धरमैया ने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ नाश्ता किया

इस्तीफे की अटकलों के बीच सिद्धरमैया ने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ नाश्ता किया

इस्तीफे की अटकलों के बीच सिद्धरमैया ने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ नाश्ता किया
Modified Date: May 28, 2026 / 11:02 am IST
Published Date: May 28, 2026 11:02 am IST

बेंगलुरु, 28 मई (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बृहस्पतिवार को अपने सरकारी आवास पर मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ नाश्ता किया। उपमुख्यमंत्री एवं मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार डी.के. शिवकुमार तथा अन्य मंत्री भी इस बैठक में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक तस्वीर में सिद्धरमैया, शिवकुमार को गले लगाते नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार शिवकुमार, सिद्धरमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते दिखाई दे रहे हैं।

ऐसी खबरें हैं कि सिद्धरमैया इसी बैठक में मुख्यमंत्री पद छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं ताकि शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो सके।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान द्वारा राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता बनाने के संकेत दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय मांगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर बृहस्पतिवार को बयान देंगे।

हालांकि, लोक भवन सूत्रों ने कहा कि सिद्धरमैया ने अब तक राज्यपाल से मिलने के लिए समय नहीं मांगा है। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल निजी कारणों से अपने गृह नगर इंदौर गए हुए हैं।

दक्षिणी राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल तेज होने के बीच कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को स्पष्ट किया कि पार्टी ने राज्य में विधायक दल की कोई बैठक नहीं बुलाई है और अब तक कोई अन्य फैसला भी नहीं लिया गया है। उन्होंने मीडिया से इस मुद्दे पर अटकलें नहीं लगाने का अनुरोध किया।

विधायक दल अपने नेता का चुनाव करता है जो स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री का दावेदार होता है। बुधवार को यहां पहुंचे सुरजेवाला ने सिद्धरमैया और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की।

खबरें हैं कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने सिद्धरमैया से कथित तौर पर नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता साफ करने को कहा और उन्हें राज्यसभा सीट के साथ पार्टी में केंद्रीय भूमिका की पेशकश की।

हालांकि सूत्रों के अनुसार सिद्धरमैया ने अभी तक इस केंद्रीय भूमिका को स्वीकार नहीं किया है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि चूंकि यह संदेश सीधे राहुल गांधी की ओर से आया है, इसलिए सिद्धरमैया पद छोड़ने के लिए तैयार हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री पहले भी कई बार कह चुके हैं कि अगर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा तो वह पद छोड़ देंगे।

सिद्धरमैया और शिवकुमार को मंगलवार को पार्टी ने दिल्ली बुलाया था, जहां कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल तथा रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ लगातार बैठकें हुईं।

इस बीच, कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग समुदाय महासंघ ने कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व को चेतावनी दी कि अगर सिद्धारमैया को हटाया गया तो पार्टी को इसके परिणाम भुगतने होंगे।

भाषा खारी रंजन

रंजन


लेखक के बारे में