एएमएमके का टीवीके पर ‘खरीद फरोख्त’ का आरोप, विजय की पार्टी ने आरोपों का खंडन किया
एएमएमके का टीवीके पर 'खरीद फरोख्त' का आरोप, विजय की पार्टी ने आरोपों का खंडन किया
चेन्नई, नौ मई (भाषा) अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) प्रमुख टी टी वी दिनाकरन ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) पर सरकार गठन का दावा पेश करने के लिए ‘‘फर्जी’’ समर्थन पत्र का इस्तेमाल करके ‘‘खरीद फरोख्त में लिप्त होने’’ का आरोप लगाया। विजय के नेतृत्व वाली पार्टी ने आरोप से इनकार किया।
दिनाकरन ने यह भी सवाल किया कि टीवीके को समर्थन देने का कथित वादा करने वाला मूल पत्र विजय की पार्टी द्वारा राज्यपाल को क्यों नहीं सौंपा गया और उन्होंने इस मामले को कानूनी रूप से आगे बढ़ने की बात कही।
यह विवाद एएमएमके के मन्नारगुडी से एकमात्र विधायक एस. कामराज द्वारा हस्ताक्षरित कथित पत्र पर केंद्रित है, जिसमें उन्होंने टीवीके को समर्थन देने का वादा किया है।
दिनाकरन ने पत्र को ‘‘जाली’’ करार दिया, वहीं टीवीके ने जवाब में एक वीडियो जारी किया जिसमें कामराज कथित तौर पर कार के अंदर पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए दिख रहे हैं।
टीवीके ने विधानसभा में आवश्यक संख्या हासिल करने के लिए किसी भी तरह की ‘खरीद फरोख्त’ से भी इनकार किया और कहा कि पार्टी नेता विजय इतने नीचे नहीं गिरेंगे।
दिनाकरन ने वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने सवाल किया, ‘‘आप उनसे (कामराज से) किस आधार पर मिले? कहां मिले? किस कार में? किस शहर में? आप उसे कहां ले गए?’’
दिनाकरन ने कहा, ‘‘मुझे संदेह है कि बहुमत नहीं होने के कारण सरकार बनाने की हताश टीवीके खरीद-फरोख्त में लिप्त हुई होगी।’’
दिनाकरन ने सवाल किया कि क्या विजय द्वारा मूल पत्र जारी किया जाएगा और दावा किया कि पत्र ‘फर्जी’ है, संभवतः एआई द्वारा निर्मित है।
दिनाकरन ने यहां पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी की ओर से टीवीके के खिलाफ गिंडी पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सरकार गठन का दावा करने के लिए ‘जाली’ समर्थन पत्र का इस्तेमाल किया गया है।
वकीलों से परामर्श के बाद कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, ‘जब तक मुझे न्याय नहीं मिल जाता, मैं चैन से नहीं बैठूंगा।’
उन्होंने कहा कि कामराज ने मन्नारगुडी विधानसभा सीट टीवीके के खिलाफ जीती है। उन्होंने सवाल किया, ‘मेरी सहमति के बिना वह समर्थन कैसे कर सकते हैं?’
एएमएमके नेता ने सरकार बनाने के लिए दस्तावेजों की जालसाजी के गंभीर परिणामों पर जोर देते हुए कहा कि अगर सरकार गठन में इस तरह की कार्रवाई को आधार बनाया गया तो यह राज्य के लिए विनाशकारी साबित होगा।
दिनाकरन ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से अन्नाद्रमुक के ई के पलानीस्वामी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का भी आग्रह किया और अपनी पार्टी के एकमात्र विधायक कामराज का अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) को समर्थन देने की पेशकश की, जिसके साथ उनकी पार्टी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के तहत 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव लड़ा था।
दिनाकरन के साथ उपस्थित कामराज ने पत्रकारों को बताया कि वे अन्नाद्रमुक के नव निर्वाचित सदस्यों के साथ पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में रुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके को दिया गया उनका ‘समर्थन पत्र’ कथित तौर पर जाली है। कामराज ने कहा, ‘‘उसने (टीवीके) मुझसे संपर्क नहीं किया। यह (पत्र) फर्जी है।’
शनिवार को, एएमएमके ने टीवीके के खिलाफ गिंडी पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि सरकार गठन का दावा करने के लिए ‘जाली’ समर्थन पत्र का इस्तेमाल किया गया है।
गिंडी पुलिस के अनुसार, दिनाकरन की ओर से एक अर्जी प्राप्त हुई है।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, द्रमुक सांसद पी विल्सन ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘अब मुझे समझ में आया कि जब उन्होंने कहा था कि वे तमिलनाडु की राजनीति में बदलाव ला रहे हैं तो उनका क्या मतलब था – तमिलनाडु में इतने सालों में इस तरह की खरीद-फरोख्त की कोशिशें नहीं देखी गई हैं।’
विजय के नेतृत्व वाली टीवीके ने राज्य विधानसभा चुनाव में 108 सीट जीती थीं और सरकार बनाने के लिए कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और वीसीके (सभी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सहयोगी) से संपर्क किया था।
कांग्रेस (पांच सीट) के अलावा, बाकी तीन दलों के पास 234 सदस्यीय विधानसभा में दो-दो विधायक हैं।
भाषा अमित माधव
माधव

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