गुजरात में एक आईपीएस अधिकारी ने ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, स्थानीय चुनाव में उतर सकते हैं
गुजरात में एक आईपीएस अधिकारी ने ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, स्थानीय चुनाव में उतर सकते हैं
अहमदाबाद, आठ अप्रैल (भाषा) गुजरात कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एम एल निनामा ने सेवानिवृत्ति की निर्धारित अवधि से तीन महीने पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली है, जिससे उनके राजनीति में प्रवेश करने की अटकलें तेज हो गई हैं, क्योंकि राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव जल्दी ही होने वाला है।
जब उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने राजनीति में कदम रखने की संभावना से इनकार नहीं किया।
निनामा 30 जून, 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले थे। वह अनुसूचित जनजाति समुदाय से हैं और उत्तरी गुजरात के अरवल्ली जिले के रहने वाले हैं।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हां, मैंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली है और मेरा इस्तीफा सरकार स्वीकार कर चुकी है। मैंने अभी चुनाव लड़ने का निर्णय नहीं लिया है।’’
मूल रूप से राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी निनामा एक पदोन्नत आईपीएस अधिकारी हैं और गांधीनगर में यातायात शाखा में पुलिस महानिरीक्षक के रूप में कार्यरत थे।
राज्य में 15 नगर निगमों, 34 जिला पंचायतों, 260 तालुका पंचायतों और 84 नगरपालिकाओं के लिए मतदान 26 अप्रैल को होगा, जिनमें लगभग 10,000 सीटें दांव पर हैं। मतों की गिनती 28 अप्रैल को होगी।
पहले भी देखा गया है कि गुजरात में अधिकारियों ने पुलिस सेवा से राजनीति में कदम रखा है।
अरवल्ली जिले के ही पूर्व आईपीएस अधिकारी पी सी बरंडा ने भी 2017 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी, हालांकि वह अपने कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी से चुनाव हार गए थे।
हालांकि बरंडा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और हाल में उन्हें जनजातीय विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है।
भाषा
राजकुमार सुरेश
सुरेश

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