अंडमान की अपार क्षमता को उजागर करने की आवश्यकता है: थाईलैंड की महावाणिज्यदूत

अंडमान की अपार क्षमता को उजागर करने की आवश्यकता है: थाईलैंड की महावाणिज्यदूत

अंडमान की अपार क्षमता को उजागर करने की आवश्यकता है: थाईलैंड की महावाणिज्यदूत
Modified Date: May 23, 2026 / 03:21 pm IST
Published Date: May 23, 2026 3:21 pm IST

(सुजीत नाथ)

श्री विजय पुरम, 23 मई (भाषा) कोलकाता में थाईलैंड की महावाणिज्यदूत सिरिपोर्न तांतिपन्याथेप ने कहा कि अब समय आ गया है कि दोनों देश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अपार क्षमताओं को सामने लाएं और क्षेत्रीय साझेदार के रूप में साथ मिलकर विकास करें।

तांतिपन्याथेप ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैंने द्वीपों के विकास के दृष्टिकोण, प्रगति, भविष्य की दिशा और आकांक्षाओं के बारे में अधिक से अधिक जानने में अपनी गहरी रुचि व्यक्त की। थाईलैंड तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह एक साथ विकास करने एवं अपनी क्षमता को उजागर करने में एक दूसरे की मदद कैसे कर सकते हैं, इस बारे में भी अपनी रुचि जताई।’’

राजदूत ने कहा, ‘‘यह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की मेरी पहली यात्रा है और मुझे यहां आकर बेहद प्रसन्नता हुई। द्वीपसमूह के साथ लंबे समय से जारी मित्रता को और मजबूत करने तथा सार्थक सहयोग की संभावित क्षेत्रों की तलाश करने के लिए मैं यहां अत्यंत आशा और दृढ़ संकल्प के साथ आई हूं।’’

उन्होंने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और थाईलैंड पहले से ही समुद्र, ऐतिहासिक व्यापार मार्गों और साझा क्षेत्रीय अवसरों के माध्यम से स्वाभाविक रूप से जुड़े हुए हैं।

राजदूत ने कहा, ‘‘जितना लोग समझते हैं हम उससे कहीं अधिक करीब हैं। वास्तव में ये द्वीप भारत की मुख्य भूमि की तुलना में थाईलैंड के अधिक निकट हैं। यह निकटता मजबूत संबंधों के लिए अपार संभावनाएं पैदा करती है जिससे ‘लॉजिस्टिक’ लागत में काफी कमी आ सकती है, परिवहन समय कम हो सकता है, पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है और दोनों पक्षों के लिए क्षेत्रीय व्यापार तेज और अधिक किफायती हो सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अपनी यात्रा के दौरान मुझे उपराज्यपाल, मुख्य सचिव, व्यापार मंडलों और कई स्थानीय हितधारकों के साथ रचनात्मक चर्चा करने का अवसर मिला। मेरा दृढ़ विश्वास है कि विभिन्न क्षेत्रों में विशेष रूप से आतिथ्य के क्षेत्र में साथ मिलकर विकास करने की अपार संभावनाएं हैं।’’

उन्होंने कहा कि पर्यटन के लिए थाईलैंड के सबसे महत्वपूर्ण स्रोत बाजारों में से एक के रूप में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि थाईलैंड भारतीय पर्यटकों के लिए शीर्ष गंतव्यों में से एक है क्योंकि यह लगातार यात्रियों को विश्व स्तरीय अनुभव और उनके पसंद की सुविधाएं किफायती कीमत पर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में, थाईलैंड की यात्रा करना भारत के भीतर कुछ घरेलू स्थलों की यात्रा करने की तुलना में कहीं अधिक किफायती हो सकता है।

भाषा सुरभि संतोष

संतोष


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