आंध्र प्रदेश: गैस कुएं में लगी आग को नियंत्रित करने के लिए व्यापक योजना को अंतिम रूप दिया गया
आंध्र प्रदेश: गैस कुएं में लगी आग को नियंत्रित करने के लिए व्यापक योजना को अंतिम रूप दिया गया
(फोटो के साथ)
मोरी (आंध्र प्रदेश), छह जनवरी (भाषा) डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनासीमा जिले में गैस के एक कुएं में लगी आग बुझाने के लिए तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की टीम ने मंगलवार को काम शुरु कर दिया और एक व्यापक योजना को अंतिम रूप दिया गया।
ओएनजीसी के स्वामित्व वाले मोरी-पांच कुएं में गैस रिसाव के बाद पांच जनवरी को अपराह्न 12 बजकर 40 मिनट पर मोरी और इरसुमंदा गांवों के पास करीब 25 मीटर के भूभाग में आग भड़क उठी थी और 20 मीटर ऊंची लपटें देखी गईं।
यह गैस कुआं ओएनजीसी द्वारा संचालित नहीं किया जा रहा है, बल्कि यह ‘प्रोडक्शन एन्हैन्समेंट कॉन्ट्रैक्टर’ (पीईसी) कंपनी डीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड (अहमदाबाद) द्वारा संचालित है।
ओएनजीसी की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘ओएनजीसी के वरिष्ठ प्रबंधन ने कुआं मोरी-पांच का परिचालन नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। इसमें दिल्ली से आए निदेशक (प्रौद्योगिकी और क्षेत्र सेवाए) और संकट प्रबंधन दल (सीएमटी) के विशेषज्ञ शामिल हैं। एक व्यापक नियंत्रण योजना को अंतिम रूप दे दिया गया है।’’
निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप, आग बुझाने के लिए तैनात ओएनजीसी टीम आग की तीव्रता और दायरे को कम करने में कामयाब रही। यह आग एक दिन से अधिक समय से भड़की हुई है।
इससे पहले, एक अधिकारी ने बताया कि कुएं में लगी आग बुझाने के लिए मुंबई और दिल्ली से ओएनजीसी की विशेषज्ञ टीम मंगलवार को पहुंची। अधिकारी ने बताया कि सोमवार की तुलना में आग की तीव्रता में कमी आई है।
डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनासीमा की संयुक्त कलेक्टर टी. निसांथी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “दमकलकर्मियों ने तापमान कम करने के लिए ‘वॉटर अम्ब्रेला’ तैयार किया है, लेकिन अब भी लपटें उठ रही हैं। विशेषज्ञ टीम पहुंचकर स्थिति का आकलन करेंगी और उसी के अनुसार, आग बुझाने के सभी उपाय किए जाएंगे।”
आसपास मौजूद सभी पेड़ों पर भी पानी का छिड़काव किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि आग पर जल्द से जल्द काबू पा लिया जाएगा। इसके लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।’’
आग को पूरी तरह बुझाने में कितना समय लगेगा, इस पर उन्होंने कहा, “टीम पहले स्थिति का आकलन करेगी और उसी के आधार पर वे कुछ कह पाएंगे।”
उन्होंने बताया कि राजस्व, पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी ओएनजीसी, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और रेडक्रॉस के कर्मियों के साथ मिलकर आग बुझाने में जुटे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर सोमवार को घटनास्थल के आसपास स्थित तीन गांवों से करीब 600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप

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