आंध्र प्रदेश: गैस के कुएं की आग बुझाने दिल्ली-मुंबई से ओएनजीसी की टीमें मौके पर पहुंची
आंध्र प्रदेश: गैस के कुएं की आग बुझाने दिल्ली-मुंबई से ओएनजीसी की टीमें मौके पर पहुंची
मोरी (आंध्र प्रदेश), सात जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के डॉ. बीआर अंबेडकर कोनासीमा जिले में 5 जनवरी से एक गैस कुएं में लगी भीषण आग पर काबू पाने के लिए दिल्ली और मुंबई से तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की विशेषज्ञ टीमें मौके पर पहुंच गई हैं।
एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि कुआं साफ साफ दिखे इसके लिए कर्मचारी घटनास्थल के आसपास से मलबा हटा रहे हैं।
ओएनजीसी के स्वामित्व वाले मोरी-5 कुएं से गैस रिसाव के बाद पांच जनवरी को मोरी और इरुसुमंडा गांवों के पास भीषण आग भड़क उठी थी।
इस घटना के कारण एहतियात के तौर पर सैकड़ों निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालांकि, अधिकारी ने बताया है कि आग की तीव्रता अब पहले से कम हो गई है
दबाव नियंत्रण प्रणालियों की विफलता के बाद तेल या गैस के कुएं से कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस का अनियंत्रित रिसाव होने को ‘ब्लोआउट’ कहते हैं।
कोनासीमा जिले की संयुक्त कलेक्टर टी. निशांती ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “उनके (ओएनजीसी) पास मुंबई और दिल्ली की टीम मौजूद हैं। एक बार घटनास्थल से मलबा हटा दिया जाए और कुएं की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखने लगे, तब वे आगे की कार्ययोजना तैयार करेंगे। तभी वे यह तय करेंगे कि कुएं को बंद करना है या ‘वाइल्ड वेल कंट्रोल’ जैसे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद लेनी है।”
वाइल्ड वेल कंट्रोल अमेरिका स्थित कंपनी है, जो तेल और गैस उद्योग को कुआं नियंत्रण, आपातकालीन प्रतिक्रिया, दबाव नियंत्रण, राहत कुआं योजना और अन्य सेवाएं प्रदान करती है।
यह सभी प्रकार की तेल या गैस कुआं नियंत्रण घटनाओं को सुरक्षित रूप से रोकने और उनका समाधान करने में सेवाएं प्रदान करती है।
इस बीच, संयुक्त कलेक्टर ने कहा कि मोरी और इरुसुमंडा गांवों से विस्थापित हुए 450 से अधिक लोग अब अपने घरों को लौट सकते हैं या राहत केंद्रों में रह सकते हैं।
भाषा प्रचेता नरेश
नरेश

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