भारतीय वायु सेना के जवानों पर हमले के मामले में एक अन्य गवाह ने मलिक और पहलू की शिनाख्त की
भारतीय वायु सेना के जवानों पर हमले के मामले में एक अन्य गवाह ने मलिक और पहलू की शिनाख्त की
जम्मू, 21 फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में 25 जनवरी, 1990 को भारतीय वायु सेना के जवानों पर हुए हमले के मामले में शनिवार को एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक और मोहम्मद रफीक पहलू उर्फ ‘नानाजी’ की शिनाख्त हमलावरों के रूप में की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मुख्य अभियोजन के गवाह ने जम्मू में आतंकवादी एवं विघटनकारी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (टाडा) अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों की शिनाख्त की।
इससे पहले 31 जनवरी को एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने मलिक के करीबी विश्वासपात्र शौकत बख्शी की शिनाख्त एक हमलावर के रूप में की थी।
जनवरी 2024 में पूर्व आईएएफ कॉर्पोरल राजवर उमेश्वर सिंह ने मलिक की शिनाख्त मुख्य हमलावर के रूप में की थी।
सिंह, उस आतंकी हमले में बाल-बाल बच गए थे। हमले में चार जवान शहीद हो गए थे।
श्रीनगर के बाहरी इलाके में रावलपोरा में 25 जनवरी 1990 को हुए इस हमले में स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना समेत चार सैन्य कर्मी शहीद हो गए थे और 40 लोग घायल हो गए थे।
भारतीय वायु सेना के जवान पुराने श्रीनगर हवाई अड्डे पर ड्यूटी के लिए अपनी गाड़ी का इंतजार कर रहे थे, तभी आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी।
टाडा अदालत में 31 अगस्त 1990 को मलिक और पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
भाषा जितेंद्र वैभव
वैभव

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