बीकानेर के सरकारी अस्पताल में एक और प्रसूता की मौत

बीकानेर के सरकारी अस्पताल में एक और प्रसूता की मौत

बीकानेर के सरकारी अस्पताल में एक और प्रसूता की मौत
Modified Date: July 15, 2026 / 11:07 am IST
Published Date: July 15, 2026 11:07 am IST

जयपुर, 15 जुलाई (भाषा) बीकानेर के सरकारी प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल (पीबीएम) अस्पताल में मंगलवार को 25 साल की महिला की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन से प्रसव के बाद एक महीने से अधिक समय से उनका इलाज हो रहा था।

हाल के समय में इस अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव के बाद मौत की यह तीसरी घटना है। इसके साथ ही पिछले तीन महीनों में राजस्थान में प्रसूताओं की मौत का आंकड़ा 19 हो गया है।

उन्होंने बताया कि महिला कमला मेघवाल का अस्पताल की गहन उपचार इकाई (आईसीयू) में लगभग एक महीने तक इलाज चला।

अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घिया ने बताया कि कमला को आठ जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला को मधुमेह था और यह उसकी तीसरी गर्भावस्था थी।

उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की एक टीम ने उसका इलाज किया। एक समय उसकी हालत में सुधार भी हुआ था लेकिन बाद में अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और मेडिकल टीम की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

डॉ. घिया ने कहा, ‘‘हमारी टीम ने उसे बचाने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन हम सफल नहीं हो सके।’’

उन्होंने बताया कि अस्पताल में प्रसव के बाद जिन छह महिलाओं की हालत बिगड़ी थी उनमें से तीन की मौत हो गई है, जबकि बाकी तीन को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

कमला की मौत इसी अस्पताल में प्रसव के बाद ऐसी ही दिक्कतों से दो अन्य महिलाओं की मौत के कुछ हफ्तों बाद हुई है। 19 जून को बीकानेर में प्रसव के बाद दिक्कतों का सामना करने वाली छह महिलाओं में से 20 साल की प्रीति की सबसे पहले मौत हुई थी। दो दिन बाद 26 साल की शारदा की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि तीनों महिलाओं को ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर पेशाब आना बंद हो गया था।

पिछले तीन महीनों में राजस्थान में प्रसूताओं की मौत के 19 मामलों में से पांच कोटा में, तीन बीकानेर में, दो जोधपुर में और भीलवाड़ा एवं बांसवाड़ा में मिलाकर नौ मामले दर्ज किए गए हैं।

पीबीएम अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कमला को प्रसव के दिन ही भर्ती कराया गया था। शुरुआत में जच्चा-बच्चा दोनों ठीक थे। चूंकि उसे मधुमेह था और पहले भी दो बार ऑपरेशन से प्रसव हो चुका था इसलिए चिकित्सकों ने इस बार भी ऑपरेशन से प्रसव का सुझाव दिया और यह प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी हो गई थी। हालांकि, अगले ही दिन यानी नौ जून को उसे कुछ दिक्कतें हुईं और उसे डायलिसिस पर रखा गया।

अधिकारी ने बताया कि महिला की हालत में कुछ समय के लिए सुधार हुआ और ‘वेंटिलेटर सपोर्ट’ हटा लिया गया। इसके बाद उसके ‘सी-सेक्शन’ के टांकों से जुड़ी एक और सर्जरी हुई लेकिन कई अंगों के काम करना बंद करने की वजह से उसकी हालत बिगड़ गई और महिला की मौत हो गई।

भाषा पृथ्वी सिम्मी सुरभि

सुरभि


लेखक के बारे में