सरकार की युवा विरोधी नीतियों के चलते भाजपा को विधानसभा चुनावों में सबक जरूर मिलेगा: खरगे

सरकार की युवा विरोधी नीतियों के चलते भाजपा को विधानसभा चुनावों में सबक जरूर मिलेगा: खरगे

सरकार की युवा विरोधी नीतियों के चलते भाजपा को विधानसभा चुनावों में सबक जरूर मिलेगा: खरगे
Modified Date: August 24, 2024 / 06:32 pm IST
Published Date: August 24, 2024 6:32 pm IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की युवा विरोधी नीतियों के चलते देश में नौकरियों का अकाल पड़ गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इसका सबक ज़रूर मिलेगा।

खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘सरकार की युवा विरोधी नीतियों के चलते देश में नौकरियों का अकाल पड़ गया है। बैंक ऑफ बड़ौदा की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि केवल 2022-23 में ही देश की 375 कंपनियों में 2.43 लाख नौकरियां घट गईं।’

इन्होंने दावा किया कि युवा कुछ मुट्ठीभर नौकरियां पाने के लिए लाखों की तादाद में चक्कर काट रहे हैं।

खरगे ने कहा, ‘बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा चल रही है, उसमें मात्र 21 हजार खाली पदों के लिए 18 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इससे पहले वाली परीक्षा का पेपर चार दिन पहले लीक हो गया था, जिसके चलते ये परीक्षा दोबारा से कराई जा रही है।’

उनका कहना है, ‘उत्तर प्रदेश में 60 हज़ार सिपाहियों की भर्ती के लिए 26 राज्यों के 6.30 लाख युवाओं ने भी आवेदन किया है। इस परीक्षा का भी पेपर एक बार लीक हो चुका है।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, ‘केवल जुलाई के महीने तक ही, इस साल 1.24 लाख नौकरियां आईटी सेक्टर में घटी, जिसमें भारत के युवाओं को खासा नुकसान हुआ। बैंकिंग, फाइनेंस, इंश्योरेंस, हॉस्पिटलिटी – सभी सेक्टरों में नौकरियां कम हुई हैं। ऊपर से मोदी सरकार चीन को ‘लाल आंख’ नहीं, चीनी कंपनियों के निवेश के लिए ‘लाल कारपेट’ बिछाने जा रही है। ‘

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने ग़लत तरीके का इस्तेमाल करवा कर एक रिपोर्ट बनवाई और करोड़ों रोज़गार देने के झूठे दावे किये।

खरगे ने कहा, ‘भारत के हताश-निराश बेरोज़गार युवा मोदी सरकार के ये झूठे हथकंडे अब समझ गए हैं। आने वाले राज्यों के चुनाव में भाजपा को इसका सबक जरूर मिलेगा।’

भाषा हक पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में