संसद सत्र में सहयोग और सार्थक चर्चा की अपील, हंगामे से राजनीतिक लाभ नहीं: रीजीजू

संसद सत्र में सहयोग और सार्थक चर्चा की अपील, हंगामे से राजनीतिक लाभ नहीं: रीजीजू

संसद सत्र में सहयोग और सार्थक चर्चा की अपील, हंगामे से राजनीतिक लाभ नहीं: रीजीजू
Modified Date: July 19, 2026 / 02:37 pm IST
Published Date: July 19, 2026 2:37 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने रविवार को सभी विपक्षी दलों से मानसून सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही सुचारू रूप चलने देने की अपील की और कहा कि यह साबित हो चुका है कि सदन में हंगामा करने का राजनीतिक लाभ नहीं होता है।

सर्वदलीय बैठक के बाद उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार द्वारा लाए जाने वाले विधेयकों को सार्थक चर्चा के साथ पारित करना चाहिए।

रीजीजू ने ‘नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) में शामिल होने की घोषणा करने वाले तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों वाले गुट को बैठक में बुलाने के फैसले को उचित करार देते हुए कहा कि वह इतने सदस्यों को बैठक से कैसे दूर रख सकते थे।

उन्होंने इस विषय को लेकर विपक्षी दलों के बैठक से कुछ देर के लिए बहिर्गमन करने को लेकर कहा कि यह उनका अधिकार है और यह एक सांकेतिक विरोध था।

रीजीजू ने कहा, ‘‘विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी बात रखी और कई सुझाव दिए, जिन्हें सरकार ने नोट किया है।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘सर्वदलीय बैठक में अलग-अलग मत होते हैं। मैं सभी दलों के नेताओं से आग्रह करता हूं कि संसद सत्र में जो विधेयक सरकार लेकर आएगी, उन पर सहयोग करें और सार्थक चर्चा के साथ उन्हें पारित करें।’’

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अगर चर्चा से दूर रहकर हंगामा करते हैं तो उन्हें राजनीतिक लाभ नहीं मिलता और यह बात साबित हो चुकी है।

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि छोटे दलों ने उन्हें अधिक समय दिए जाने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यदि सत्र सुचारू रूप से चलता है तो सभी को बोलने का मौका मिलेगा, लेकिन हंगामा होने पर ऐसा संभव नहीं होगा।

मंत्री ने कहा, ‘‘बाद में सरकार पर यह आरोप नहीं लगाया जाना चाहिए कि कम चर्चा करके विधेयक पारित कर दिए गए।’’

रीजीजू ने इस बात पर जोर दिया कि देश के लोग चाहते हैं कि संसद चले और संसद की कार्यवाही का नहीं चलना देश के लिए अच्छा नहीं है।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अपनी बात रखें, लेकिन सदन में व्यवधान नहीं डालें।

संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी कहा कि हंगामा करने से राजनीतिक नुकसान होता है।

रीजीजू ने कहा कि एनसीपीआई के 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कैसे हो सकता है कि हम उन्हें नहीं बुलाएंगे।’’

मानसून सत्र के लिए विधायी कामकाज का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल आठ विधेयकों की सूची बुलेटिन के माध्यम से दी गई है। इसके अलावा यदि कोई विधेयक लाया जाता है तो कार्य मंत्रणा समिति में चर्चा के बाद उसे लाया जाएगा।

रीजीजू ने कहा कि विधेयकों को लेकर किसी को चौंकाया नहीं जाएगा और इनको लेकर सभी दलों को पहले से सूचित किया जाएगा।

भाषा हक

हक नेत्रपाल

नेत्रपाल


लेखक के बारे में