अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशभर में सैन्यकर्मियों ने किया योगाभ्यास
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशभर में सैन्यकर्मियों ने किया योगाभ्यास
नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों के परेड मैदानों तक, देशभर में बड़ी संख्या में सशस्त्र बलों के कर्मियों ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित योग सत्रों में हिस्सा लिया।
थल सेना, नौसेना और वायु सेना की सभी सैन्य कमान इस वार्षिक आयोजन की तैयारियों में जुटी थीं। इस आयोजन का उद्देश्य शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक दृढ़ता और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रीय राजधानी में भारतीय सेना ने दिल्ली छावनी स्थित करियप्पा परेड ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित किया।
विशाल वर्गाकार संरचना में खड़े सेना के जवानों और अन्य प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन किए।
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘भाषा’ से कहा, ‘‘करियप्पा परेड ग्राउंड में योग सत्र सुबह करीब छह बजे शुरू हुआ। कार्यक्रम में सैन्यकर्मियों और उनके परिवारों, कई रक्षा अताशे, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट और स्कूली बच्चों समेत लगभग 3,500 लोग शामिल हुए।’’
सेना की उत्तरी, पश्चिमी, पूर्वी, दक्षिणी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी कमान में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सेना की कई कमान ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले भी योग सत्र आयोजित किए थे।
लखनऊ स्थित मध्य कमान ने इससे पहले सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘योग का धैर्य, सैनिक की शक्ति। योग शारीरिक ऊर्जा बढ़ाता है, मानसिक एकाग्रता को तेज करता है और आंतरिक संतुलन कायम करता है। यह लोगों को शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए अधिक स्वस्थ, अनुशासित और दृढ़ जीवन जीने में सक्षम बनाता है।’’
मध्य कमान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले ‘‘सूर्य वॉरियर्स ने योग को जीवनशैली के रूप में अपनाया।’’
उसने कहा, ‘‘हिमालय की भव्य ऊंचाइयों से लेकर गंगा के पवित्र मैदानों और मध्य भारत के विभिन्न इलाकों तक, उन्होंने योग की शाश्वत भावना को आत्मसात किया तथा शरीर में सहनशक्ति, मन में दृढ़ता और आत्मा में संकल्प विकसित किया।’’
पोस्ट में कहा गया, ‘‘हर आसन। हर सांस। हर योद्धा। राष्ट्र के लिए अधिक मजबूत।’’
इस वर्ष 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ‘बढ़ती उम्र में योग से रहें निरोग’ थीम के तहत मनाया जा रहा है, जो सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए योग के महत्व को रेखांकित करता है।
भारतीय वायु सेना ने भी दिल्ली स्थित पश्चिमी वायु कमान से लेकर तिरुवनंतपुरम स्थित दक्षिणी वायु कमान तक अपनी विभिन्न कमान में कई कार्यक्रम आयोजित किए।
अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले कहा था कि भारतीय वायु सेना ‘‘देशभर के विभिन्न भूभागों और क्षेत्रों में योग सत्र आयोजित करके यह दिवस मनाएगी। ये कार्यक्रम उत्तर में लेह के ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों से लेकर दक्षिण में कार निकोबार के समुद्र तटों और पूर्व में तवांग से लेकर पश्चिम में पवित्र नगरी द्वारका तक आयोजित किए जाएंगे।’’
भारतीय नौसेना भी योग दिवस समारोह में शामिल हुई।
यह दिन नौसेना के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि ‘स्टील्थ फ्रिगेट- दूनागिरि’ समेत प्रथम पंक्ति के तीन स्वदेशी युद्धपोतों को रविवार को कोलकाता में नौसेना में शामिल किया जाना है।
नौसेना ने योग दिवस से पहले ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा, ‘‘शांत मन। मजबूत शरीर। अभियान के लिए तैयार। समुद्र और तट पर मौजूद भारतीय नौसेना योग को जीवनशैली के रूप में अपनाती है जिससे एकाग्रता, सहनशक्ति और समग्र स्वास्थ्य बेहतर होता है।’’
सैन्य अधिकारियों ने कहा कि भारत के प्राचीन ज्ञान में निहित योग शक्ति, संतुलन एवं आंतरिक सामंजस्य को बढ़ावा देता है तथा लोगों को हर उम्र में अधिक स्वस्थ, सक्रिय और संतुष्ट जीवन जीने में सक्षम बनाता है।
उन्होंने कहा कि योग अधिक स्वस्थ, मजबूत और दृढ़ भविष्य के निर्माण में मदद करता है।
भाषा सिम्मी शोभना
शोभना

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