गिरफ्तार आरोपी का दावा-जुबिन गर्ग को सिंगापुर में जहर दिया गया; पत्नी ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट लौटाई

गिरफ्तार आरोपी का दावा-जुबिन गर्ग को सिंगापुर में जहर दिया गया; पत्नी ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट लौटाई

गिरफ्तार आरोपी का दावा-जुबिन गर्ग को सिंगापुर में जहर दिया गया; पत्नी ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट लौटाई
Modified Date: October 4, 2025 / 09:59 pm IST
Published Date: October 4, 2025 9:59 pm IST

गुवाहाटी, चार अक्टूबर (भाषा) गायक जुबिन गर्ग के बैंड में शामिल ड्रम वादक शेखर ज्योति गोस्वामी ने सिंगापुर में रहस्यमयी परिस्थितियों में उनकी (जुबिन) मौत से जुड़े मामले में एक चौंकाने वाला दावा किया है।

पुलिस के पास मौजूद आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, शेखर ने आरोप लगाया है कि जुबिन के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा और पूर्वोत्तर भारत महोत्सव के आयोजक श्यामकानु महंत ने सिंगापुर में गायक को जहर दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई।

जुबिन के साथ सिंगापुर गए शेखर ने शर्मा की ‘गिरफ्तारी के विस्तृत आधार’ या रिमांड नोट में कहा है कि जब जुबिन समुद्र में डूबने के कगार पर थे और सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब शर्मा को ‘जाबो दे, जाबो दे’ (जाने दो, जाने दो) चिल्लाते हुए सुना गया था।

‘पीटीआई-भाषा’ के पास उपलब्ध इस अत्यधिक संवेदनशील दस्तावेज के मुताबिक, नोट में शेखर ने यह भी दावा किया है कि जुबिन की मौत को हादसे के रूप में चित्रित करने की ‘‘साजिश’’ थी।

जुबिन की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह श्यामकानु महंत और उनकी कंपनी की ओर से आयोजित चौथे पूर्वोत्तर भारत महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर गए थे।

महोत्सव के आयोजक श्यामकानु महंत, जुबिन के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा और बैंड के दो सदस्यों-शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रभा महंत को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने चारों आरोपियों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

इस बीच, जुबिन की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने शनिवार को अपने पति की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को लौटाते हुए कहा कि यह उनका ‘‘निजी दस्तावेज’’ नहीं है और जांचकर्ता ही बेहतर तय कर पाएंगे कि इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए या नहीं।

रिमांड नोट के अनुसार, ‘‘जब जुबिन गर्ग सांस लेने में संघर्ष कर रहे थे और डूबने के कगार पर थे, तब सिद्धार्थ शर्मा को ‘जाबो दे, जाबो दे’ चिल्लाते हुए सुना गया था। गवाह ने इस बात पर जोर दिया कि जुबिन एक कुशल तैराक थे, जिन्होंने उसे और आरोपी दोनों को तैराकी का प्रशिक्षण दिया था, ऐसे में वह डूब नहीं सकते थे।’’

एसआईटी सदस्य और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोजी कलिता के हस्ताक्षर वाले नोट में कहा गया है, ‘‘शेखर ने आरोप लगाया कि शर्मा और महंत ने पीड़ित को जहर दिया था और अपनी साजिश को छिपाने के लिए जानबूझकर विदेश में एक जगह चुनी थी। शर्मा ने जुबिन को नौका के वीडियो किसी के साथ साझा न करने का भी निर्देश दिया था।’’

सीआईडी ​​का नौ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) सिंगापुर में हुई जुबिन की मौत के मामले की जांच कर रहा है। असम सरकार ने मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का भी गठन किया है।

रिमांड नोट में कहा गया है, ‘‘गवाह शेखर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-175 के तहत दर्ज किए गए बयान में कहा है कि जुबिन की मौत को ‘आकस्मिक मौत’ के रूप में दिखाने के लिए एक साजिश रची गई थी। उसने कहा कि शर्मा सिंगापुर के पैन पैसिफिक होटल के कमरा नंबर 3010 में उसके साथ रुके थे और उनका हाव-भाव संदिग्ध था।’’

जब जुबिन की पत्नी गरिमा से गायक को जहर दिए जाने के शेखर के दावे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सवाल किया कि वह (शेखर) इतने लंबे समय तक चुप क्यों रहे।

गरिमा ने कहा, “अगर शेखर को पता था, तो उन्होंने यह बात इतने दिनों तक क्यों छिपाए रखी? बहरहाल, जांच जारी है। अगर किसी ने ऐसा किया है, तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जुबिन के साथ ऐसा क्यों किया गया? वह सभी से कितना प्यार करते थे। वह सिर्फ लोगों से प्यार करना जानते थे, और कुछ नहीं। उन्होंने मुझे भी सिर्फ लोगों पर भरोसा करना सिखाया था।’

गरिमा ने कहा, ‘‘हम सभी (टीम के सदस्यों) को अपना मानते थे और उनसे परिवार के सदस्य की तरह पेश आते थे। वह (जुबिन) हमेशा कहते थे कि ये लोग हमारे परिवार का हिस्सा हैं और हमें उनके परिवारों के बारे में भी सोचना है। हमने तो बस यही किया। अब हमें क्या सिला दिया गया है, क्या हमारे साथ सचमुच ऐसा किया गया है? अगर ऐसा किया गया है, तो (दोषियों को) सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायिक प्रणाली पर पूरा भरोसा है और वह पूरा सहयोग कर रही हैं।

गरिमा ने कहा, ‘‘मैंने व्यक्तिगत रूप से सोच-विचार किया और दूसरे लोगों के भी सुझाव लिए। चूंकि, जांच जारी है, इसलिए मैं (पोस्टमॉर्टम) रिपोर्ट को अपना निजी दस्तावेज नहीं मानती। मैंने जांच अधिकारी को रिपोर्ट लौटा दी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कानून के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसे (पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट) सार्वजनिक करने से जांच प्रभावित होगी या नहीं, मुझे नहीं पता। इसीलिए मैंने रिपोर्ट लौटा दी है। अगर इसे सार्वजनिक किया जा सकता है, तो यह आपको उनसे (जांचकर्ताओं) मिलेगी।’’

गरिमा ने कहा, ‘‘पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जांचकर्ताओं के पास रहने दीजिए। मुझे विश्वास है कि वे इसके साथ पूरा न्याय करेंगे। मेरा मानना ​​है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही अच्छे नतीजे मिलने की उम्मीद है। पूरी जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और हमें मामले से जुड़ी हर जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।’’

रिमांड नोट में शेखर के हवाले से कहा गया है कि शर्मा ने नाविक से नौका का नियंत्रण जबरन अपने हाथों में लिया, जिससे वह बीच समुद्र में खतरनाक तरीके से डगमगाने लगी और सभी यात्रियों के लिए खतरा पैदा हो गया।

इसमें कहा गया, ‘‘शेखर ने यह भी दावा किया कि शर्मा ने तन्मय फुकन (प्रवासी भारतीय और असम एसोसिएशन, सिंगापुर के सदस्य) को पेय पदार्थों की व्यवस्था नहीं करने का निर्देश दिया था और कहा था कि वह खुद इसकी व्यवस्था करेंगे।’’

रिमांड नोट में शेखर के हवाले से कहा गया है कि जब जुबिन के मुंह और नाक से झाग निकल रहा था, तब शर्मा ने गायक को ‘‘जरूरी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने की व्यवस्था करने के बजाय’’ इसे ‘एसिड रिफ्लक्स’ का मामला बताकर टाल दिया और दूसरों को आश्वस्त किया कि चिंता की कोई बात नहीं है।

रिमांड नोट के अनुसार, ‘‘जांच के दौरान जुटाए गए भौतिक साक्ष्य, जिनमें दस्तावेजी रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और गवाहों के बयान शामिल हैं, प्रथम दृष्टया उनकी (शर्मा की) दोषसिद्धि स्थापित होती है।’’

इसमें दावा किया गया है कि सह-गायिका अमृत प्रभा और अभिनेत्री निशिता गोस्वामी (जो सिंगापुर में मौजूद थीं) के बयानों से पुष्टि होती है कि शर्मा ने पैन पैसिफिक होटल में जुबिन और सह-गायिका के एक ही कमरे में रहने की व्यवस्था की थी और उनके लिए शराब का भी इंतजाम किया था।

रिमांड नोट में आरोप लगाया गया है, ‘‘आरोपी मौत से पहले जुबिन के लिए शराब और महिला की व्यवस्था किए जाने के संबंध में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहा है।’’

भाषा पारुल नेत्रपाल

नेत्रपाल


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