अरुणाचल विधानसभा ने एमएसएमई, अग्नि सेवाओं और हवाई अड्डा क्षेत्र विकास से जुड़े तीन विधेयक पारित किए

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अरुणाचल विधानसभा ने एमएसएमई, अग्नि सेवाओं और हवाई अड्डा क्षेत्र विकास से जुड़े तीन विधेयक पारित किए

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  • Publish Date - September 8, 2026 / 05:25 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 05:25 PM IST

ईटानगर, आठ सितंबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश विधानसभा ने राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने, अग्नि एवं आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने और हवाई अड्डों के आसपास सुनियोजित विकास को गति देने से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयक मंगलवार को पारित किए।

इन विधेयकों को चर्चा के बाद ध्वनिमत से मंजूरी दी गई।

उद्योग मंत्री न्याटो दुकम ने ‘अरुणाचल प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (सुविधा, स्थापना और संचालन) विधेयक, 2026’ पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में एमएसएमई की स्थापना और संचालन के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।

प्रस्तावित कानून के तहत एमएसएमई इकाइयों को कुछ मंजूरियों और निरीक्षणों से छूट देने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर पैदा करना और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है।

विधेयक में हालांकि, जनस्वास्थ्य और सुरक्षा, जनजातीय भूमि अधिकारों, वन कानूनों और श्रमिक कल्याण से जुड़े मौजूदा सुरक्षा प्रावधानों को बरकरार रखने का प्रस्ताव है।

गृह मंत्री ममा नाटुंग ने ‘अरुणाचल प्रदेश अग्नि एवं आपातकालीन सेवा (संशोधन) विधेयक’ पेश किया। इस विधेयक के जरिए मौजूदा अग्नि एवं आपातकालीन सेवा कानून के कुछ प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा, खासकर राष्ट्रीय भवन संहिता से जुड़े संदर्भों में बदलाव किया जाएगा।

वहीं, शहरी मामलों के मंत्री बालो राजा ने ‘अरुणाचल प्रदेश हवाई अड्डा क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक’ सदन में पेश किया। इस विधेयक में होलोंगी हवाई अड्डे के आसपास नए शहर के सुनियोजित विकास के लिए एक प्राधिकरण स्थापित करने का प्रस्ताव है।

यह प्राधिकरण हवाई अड्डा क्षेत्र में शहर के विकास की योजना बनाने, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, परियोजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी और वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगा। इसके अलावा यह शहरी सेवाओं के संचालन और निगरानी का काम भी करेगा।

इस विधेयक का उद्देश्य राज्य के हवाई अड्डों के आसपास बुनियादी ढांचे के विकास और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार को भी बढ़ावा देना है।

भाषा रवि कांत रवि कांत अविनाश

अविनाश