अरुणाचल: कांग्रेस ने सीमा सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर खांडू सरकार पर निशाना साधा
अरुणाचल: कांग्रेस ने सीमा सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर खांडू सरकार पर निशाना साधा
ईटानगर, 27 जुलाई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस ने सोमवार को सीमा सुरक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार, शिक्षा व्यवस्था और शासन में निष्क्रियता जैसे मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राज्य सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने साथ ही सरकार से अधिक पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही की मांग की।
अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के कार्यकारी अध्यक्ष तांगा बायलिंग ने भारत-चीन सीमा की स्थिति पर सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए एक बयान में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू और गृह मंत्री मामा नातुंग सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामने मौजूद वास्तविक समस्याओं का समाधान करने के बजाय चीन से कथित घुसपैठ व अतिक्रमण को लेकर उठ रही चिंताओं को कम करके दिखा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “अगर राज्य सरकार को पूरा भरोसा है कि चीन की ओर से कोई घुसपैठ या अतिक्रमण नहीं हुआ है, तो मुख्यमंत्री और गृह मंत्री मीडिया टीम के साथ भारत-तिब्बत सीमा पर चलें तथा खुद मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करें।”
कांग्रेस नेता ने सरकार से ईटानगर के कार्यालयों में बैठकर बयान देने के बजाय जमीनी हकीकत देखने की अपील की।
बायलिंग ने यह भी कहा कि जब भी सीमा का मुद्दा उठता है, भाजपा सरकार बार-बार 1962 के भारत-चीन युद्ध का हवाला देती है।
उन्होंने कहा कि आज चिंता का विषय वर्तमान सुरक्षा स्थिति है, खासकर वर्ष 2020 के बाद हुए घटनाक्रम।
कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा, “लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि आज क्या हो रहा है। मुद्दा मौजूदा सीमा की वास्तविक स्थिति और 2020 के बाद के घटनाक्रम हैं।”
उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोग हालात से अच्छी तरह परिचित हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा को राजनीतिक छवि सुधारने का माध्यम नहीं बनाया जा सकता।
नातुंग ने कारगिल विजय दिवस समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने राज्य के किसी भी हिस्से में घुसपैठ नहीं की है।
उन्होंने कहा था, “अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से कोई अतिक्रमण नहीं हुआ है। ये सभी बातें झूठ और सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाह हैं। हमारे जवान 24 घंटे सीमा की रक्षा कर रहे हैं। चीन से कोई भी भारतीय क्षेत्र में अतिक्रमण करने की हिम्मत नहीं कर सकता। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि ये सब सिर्फ अफवाहें हैं और कुछ नहीं।”
बायलिंग ने स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं के भी आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों पर भारी खर्च किए जाने के बावजूद कई जिला अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में अब भी चिकित्सकों, विशेषज्ञों, दवाइयों और बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
पूर्व गृह मंत्री ने कहा, “सरकार को बताना चाहिए कि जनता का पैसा कहां खर्च हो रहा है और मरीजों को वह स्वास्थ्य सेवाएं क्यों नहीं मिल रही हैं, जिनके वे हकदार हैं।”
उन्होंने दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता तथा कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
नेत्रपाल

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