कोलकाता में अपनी मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया
कोलकाता में अपनी मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया
कोलकाता, सात जनवरी (भाषा) कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय ‘स्वास्थ्य भवन’ के बाहर बुधवार को सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने न्यूनतम मासिक मानदेय और बीमा राशि में वृद्धि समेत अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने इमारत के प्रवेश द्वार तक पहुंचने के लिए अवरोधक तोड़ दिए। हालांकि पुलिस ने उन्हें परिसर में प्रवेश करने से रोकने के लिए मुख्य द्वार को बंद कर दिया।
प्रदर्शनकारी मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) कार्यकर्ता इसके बाद ‘स्वास्थ्य भवन’ के मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठ गईं।
आशा कार्यकर्ताओं की मांगों में न्यूनतम 15,000 रुपये का मासिक मानदेय और ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर शामिल है।
प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने यह भी धमकी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगी।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत के लिए कम से कम 10 से 15 प्रतिनिधियों को मिलने की अनुमति दी जाये।
दोपहर के आसपास वाहनों की आवाजाही भी कुछ समय के लिए बाधित हो गई क्योंकि बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता ‘स्वास्थ्य भवन’ की ओर मार्च करने के लिए इलाके में एकत्र हो गईं।
प्रदर्शन कर रही एक आशा कार्यकर्ता ने कहा, ‘‘हमें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है क्योंकि अधिकारियों ने हमसे बातचीत करने से इनकार कर दिया है।’’
उन्होंने कहा कि 23 दिसंबर से उनका ‘‘काम रोको’’ अभियान जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘जब तक राज्य के स्वास्थ्य मंत्री या विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कोई ठोस समाधान नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।’’
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सुकांत मजूमदार ने आशा कार्यकर्ताओं के आंदोलन का समर्थन किया और राज्य सरकार की ‘‘खराब’’ स्वास्थ्य सेवाओं की आलोचना की।
भाषा सुरभि देवेंद्र
देवेंद्र

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