असम: दो दिन के अभियान में 6,200 बीघा वन भूमि मुक्त कराई गई

असम: दो दिन के अभियान में 6,200 बीघा वन भूमि मुक्त कराई गई

असम: दो दिन के अभियान में 6,200 बीघा वन भूमि मुक्त कराई गई
Modified Date: January 6, 2026 / 10:18 pm IST
Published Date: January 6, 2026 10:18 pm IST

तेजपुर/नगांव, छह जनवरी (भाषा) असम सरकार ने मंगलवार को बुराचापोरी वन्यजीव अभ्यारण्य में लगभग 6,200 बीघा भूमि पर से कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए एक बेदखली अभियान पूरा किया और इससे 710 परिवार प्रभावित हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सोनितपुर जिला आयुक्त आनंद कुमार दास ने बताया कि सोनितपुर और नगांव जिलों में फैले जंगलों में अतिक्रमित भूमि को खाली कराने के लिए पांच जनवरी से बेदखली अभियान शुरू हुआ और मंगलवार शाम को यह पूरा हो गया।

उन्होंने कहा, ‘‘लगभग 710 परिवारों ने संरक्षित वन्यजीव अभ्यारण्य के भीतर लगभग 6,200 बीघा वन भूमि पर कब्जा कर लिया था और दो दिवसीय अभियान के दौरान, प्रशासन ने सभी अवैध कब्जाधारियों को सफलतापूर्वक बेदखल कर दिया तथा अतिक्रमित भूमि को मुक्त करा लिया।’’

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तेजपुर सदर और ढेकियाजुली राजस्व मंडल के अंतर्गत आने वाले जमुकटोल, अरीमारी, सियालीचर, बघेतापु, गलातिदुबी, लाठीमारी, कुंडुलिचर, पुरबा दुब्रामारी और बटुलिचर समेत कई क्षेत्रों में बेदखली की कार्रवाई की गई।

यहां एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘लगभग 40 प्रतिशत भूमि को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त कराने के बाद, सोनितपुर जिला प्रशासन ने शेष भूमि पर बेदखली अभियान शुरू किया।’’

वहां रहने वाले अधिकतर लोगों ने अपने घर ध्वस्त कर दिए थे और घरेलू सामान लेकर अन्य स्थानों पर चले गए थे, लेकिन भीषण ठंड के कारण कई अतिक्रमणकारी उक्त भूमि पर ही रुके रहे और प्रशासन से अपनी फसल काटने के लिए समय देने का अनुरोध किया।

दास ने कहा, ‘‘हालांकि अतिक्रमणकारियों ने सर्दियों में उन्हें बेदखल नहीं करने का अनुरोध किया है, लेकिन प्रशासन उन्हें बेदखली अभियान से छूट नहीं देगा क्योंकि वे अवैध रूप से वन क्षेत्रों में रह रहे थे।’’

यह वन्यजीव अभ्यारण्य ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर 44.06 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह गुवाहाटी से लगभग 180 किलोमीटर पूर्व और तेजपुर शहर से 40 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।

भाषा यासिर अविनाश

अविनाश


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