विधानसभा चुनाव: असम, पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान, केरल में 78 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े

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विधानसभा चुनाव: असम, पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान, केरल में 78 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े

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  • Publish Date - April 9, 2026 / 10:00 PM IST,
    Updated On - April 9, 2026 / 10:00 PM IST

(फोटो के साथ)

तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी, नौ अप्रैल (भाषा) असम में बृहस्पतिवार को हुए विधानसभा चुनाव में 85 प्रतिशत से अधिक रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया, जबकि केरल में 78 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। निर्वाचन आयोग के नवीनतम आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

दोनों राज्यों में सत्तारूढ़ दल लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के लिए प्रयासरत हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में जबरदस्त मतदान ‘‘सामान्य बात नहीं है बल्कि ऐतिहासिक’’ है।

शर्मा ने कहा कि इस चुनाव का परिणाम ‘‘हमारे लोगों के चेहरों पर उम्मीद, गर्व और खुशी के रूप में पहले से ही दिखाई दे रहा है।’’

इस बीच कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने राज्य में बदलाव के लिए बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया।

गोगोई ने एक बयान में कहा कि लोगों ने ‘‘नए बोर-असम’’ (नए और ग्रेटर असम) और नए नेतृत्व की उम्मीद में मतदान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘अब निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि वह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की सुरक्षा सुनिश्चित करे और चार मई को मतों की सटीक गिनती कराए।’’

शर्मा और गोगोई दोनों उन 722 उम्मीदवारों में शामिल हैं जो इन चुनावों में 126 निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे हैं।

कुल मतदाताओं की संख्या 2.5 करोड़ है। वर्ष 2021 में असम विधानसभा चुनावों में 82.04 प्रतिशत मतदान हुआ था।

केरल में, जहां पारंपरिक रूप से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण उच्च मतदान होता रहा है।

केरल में 140 विधानसभा क्षेत्रों से 883 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता सी एन मोहनन ने कहा कि मतदान प्रतिशत में वृद्धि से एलडीएफ को फायदा होगा क्योंकि उसके कार्यकर्ताओं ने अधिकतम मतदाता भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए काम किया है।

भाजपा नेता के.एस. शैजू ने इस वृद्धि को जमीनी स्तर पर मतदाताओं के व्यवहार से जोड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि इस बार अधिक महिला मतदाता मतदान करने आई हैं।’’

कांग्रेस नेता दीप्ति मैरी वर्गीज ने कहा कि इस प्रवृत्ति का गहन अध्ययन करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, ‘आमतौर पर यह प्रवृत्ति देखी जाती है कि जब मतदान प्रतिशत बढ़ता है, तो यह यूडीएफ के लिए अनुकूल हो जाता है।’’

इस बीच, केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान मतदान रुझान से संकेत मिलता है कि 90 प्रतिशत मतदान होगा।

केरल में 2021 के विधानसभा चुनावों में 74.06 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।

केरल और असम के साथ-साथ बृहस्पतिवार को पुडुचेरी विधानसभा की 30 सदस्यीय सीट के लिए भी मतदान हुआ।

केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को हुआ मतदान छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण रहा और 86 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पुडुचेरी में अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) नीत मोर्चा सत्ता बरकरार रखने के लिए और, विपक्षी कांग्रेस नीत गठबंधन केंद्र शासित प्रदेश में बदलाव के लिए जोर लगा रहा है।

बृहस्पतिवार को दो राज्यों केरल और असम तथा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए मतदान हुआ।

पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि तमिलनाडु में चुनाव एक ही चरण में 23 अप्रैल को होगा।

ये चुनाव पश्चिम एशिया संघर्ष की पृष्ठभूमि में हो रहे हैं, जिसके कारण देश में एलपीजी संकट उत्पन्न हो गया है। यह मुद्दा चुनाव प्रचार में भी प्रमुखता से उठा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के अन्य शीर्ष नेताओं ने स्थिर आपूर्ति का आश्वासन दिया, जबकि विपक्ष ने संभावित कमी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

अधिकारियों ने बताया कि केरल और पुडुचेरी में मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, वहीं असम में दो स्थानों पर चुनाव से संबंधित हिंसा के सिलसिले में सात लोगों को हिरासत में लिया गया।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा, असम में सुबह मतदान शुरू होने के बाद कई मतदान केंद्रों पर मामूली झड़पें भी हुईं, जिनमें कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं।

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के साथ बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे कन्नूर जिले के पिनराई स्थित आरसी अमला बेसिक यूपी स्कूल में मतदान केंद्र तक पैदल पहुंचे। उनके साथ पार्टी के कई नेता भी मौजदू रहे।

राज्यभर में कई वरिष्ठ नेताओं, उम्मीदवारों और सार्वजनिक हस्तियों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया। मलयालम अभिनेताओं में ममूटी और मोहनलाल ने क्रमशः एर्णाकुलम और तिरुवनंतपुरम में अपना वोट डाला।

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव

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