Reported By: Vijendra Pandey
,Jabalpur Medical College News / Image Source : IBC24
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित महाकोशल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में मरीजों की फजीहत हो रही है। यहाँ नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और सुपरस्पेशयलिटी हॉस्पिटल के बीच मरीजों की स्थिति तरस खाने वाली दिख रही है। यहाँ मरीजों को दोनों अस्पतालों और अलग-अलग वॉर्ड में लाने-ले जाने के लिए परिजनों को खुद ही उन्हें स्ट्रैचर पर ढोना पड़ रहा है। यह नज़ारे अपने आप में गंभीर लापरवाही को दिखा रहे हैं।
सुपरस्पेशयलिटी हॉस्पिटल से मेडिकल हॉस्पिटल की दूरी करीब 500 मीटर की है, जिसे परिजनों को खुद ही स्ट्रैचर और व्हील चेयर चलाकर तय करना पड़ रहा है। ये रास्ता कई जगह खराब भी है और ऐसे में खराब रास्ते पर स्ट्रेचर और व्हील चेयर से मरीज गिरते भी नज़र आ रहे हैं।बता दें कि मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में वॉर्ड बॉय सहित मैन पावर सप्लाई के कई काम ठेके पर दे दिए गए हैं और ठेका एजेंसी मैन पावर सप्लाई में गड़बड़ी कर रही है। यही वजह है कि हॉस्पिटल से वॉर्ड बॉय नदारद हैं और परिजन खुद ही अपने मरीजों को एक वॉर्ड से दूसरे वॉर्ड इस तरह स्ट्रैचर्स और व्हील चेयर्स पर ढोने को मजबूर हैं। ज़ाहिर है ऐसे में ना सिर्फ मरीज किसी हादसे का शिकार हो सकते हैं बल्कि ये उनके साथ अमानवीयता जैसा जुल्म ही है।
बहरहाल, मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के अधीक्षक, डॉक्टर अरविंद शर्मा ने भी सवाल पूछे जाने पर इस गड़बड़ी और लापरवाही को माना है। अधीक्षक के मुताबिक मैन पॉवर सप्लाई एजेंसी की लापरवाही से ऐसी स्थिति बन रही है जिस पर कड़ी कार्यवाई की जाएगी। मेडिकल हॉस्पिटल अधीक्षक ने मैन पॉवर सप्लाई एजेंसी को नोटिस थमाकर उस पर जुर्माना लगाने की कार्यवाई करने की बात की है, ताकि इन हालातों को सुधारा जा सके।