गुवाहाटी, 21 जनवरी (भाषा) असम के कोकराझार जिले के संवेदनशील इलाकों में सेना तैनात की गई है। वहां भीड़ हिंसा में दो लोगों की मौत के बाद आगजनी की घटनाएं हुईं और बोडो एवं आदिवासी समुदायों के बीच झड़पें हुईं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
रक्षा प्रवक्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मंगलवार रात को सेना के जवानों ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर करीगांव और उसके आसपास के प्रभावित इलाकों में गश्त की।
उन्होंने बताया कि विश्वास कायम करने के उपायों के तहत बुधवार को सेना इलाके में फ्लैग मार्च भी करेगी।
प्रवक्ता ने बताया कि फिलहाल जिले में सेना की चार टुकड़ियां तैनात हैं।
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और कोकराझार तथा पड़ोसी जिले चिरांग में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने पहले कहा था कि सेना की तैनाती की व्यवस्था कर ली गई है और त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) पहले से ही मौके पर मौजूद है।
गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात करीगांव चौकी के अंतर्गत मानसिंह रोड पर तीन बोडो लोगों को ले जा रही एक गाड़ी से दो आदिवासी व्यक्तियों को टक्कर लग गई।
इसके बाद आदिवासी ग्रामीणों ने तीनों बोडो लोगों के साथ मारपीट की और वाहन को आग लगा दी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति ने मंगलवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि तीन अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज हो रहा है।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब बोडो और आदिवासी दोनों समुदायों ने करीगांव चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया, टायर जलाए, एक सरकारी कार्यालय में आग लगा दी और करीगांव पुलिस चौकी पर हमला कर दिया।
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए।
इस बीच हमलों के डर से करीगांव के कई ग्रामीणों के घर छोड़कर जाने के बाद कोकराझार जिला प्रशासन ने करीगांव हाई स्कूल और ग्वाजनपुरी अमनपारा हाई स्कूल में दो राहत शिविर स्थापित किए हैं।
अधिकारी ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कोकराझार जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
गृह विभाग ने एहतियात के तौर पर कोकराझार और चिरांग जिलों में सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं की इंटरनेट/मोबाइल डेटा सेवा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।
भाषा शोभना मनीषा
मनीषा