CG Cabinet Ke Faisle: अब पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा..! साय कैबिनेट की बैठक का अहम फैसला, नवा रायपुर में छात्रों के लिए बनने वाला है कुछ बड़ा

CG Cabinet Ke Faisle: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आज कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई।

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  • Publish Date - January 21, 2026 / 01:53 PM IST,
    Updated On - January 21, 2026 / 02:09 PM IST

cg cabinet ke faisale/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • नवा रायपुर में उच्च कोटि संस्थान स्थापना
  • SVKM को 40 एकड़ जमीन दी गई
  • संस्थान 90 साल की लीज पर संचालित होगा

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आज कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। CG Cabinet Ke Faisle में राज्य के शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और आबकारी नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

CG Cabinet Decision Today: SVKM को 40 एकड़ जमीन दी गई

CG Cabinet Ke Faisle के दौरान सबसे बड़ा और ध्यान आकर्षित करने वाला निर्णय नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि के शैक्षणिक संस्थान की स्थापना से संबंधित है। मुख्यमंत्री ने बताया कि विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके प्रसिद्ध नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ जमीन लीज पर दी गई है। यह लीज एकमुश्त 90 वर्षों के लिए होगी।SVKM एक ख्याति प्राप्त शिक्षा संस्थान है, जो 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है और वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित करता है। यह संस्थान प्रति वर्ष एक लाख से अधिक छात्रों को प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल स्तर तक शिक्षा प्रदान करता है। वर्ष 2025 में SVKM को राष्ट्रीय स्तर पर NIRF यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 52वां स्थान प्राप्त हुआ था।नवा रायपुर में इस संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संस्थान के आने से छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, शोध और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

cg cabinet meeting: और भी कई फैसलों को दी गई मंजूरी

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी दी और संबंधित विभाग को इसके कार्यान्वयन के लिए अधिकृत किया। राज्य में 04 नए उद्यमिता केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया, इसके लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू किया गया। यह कदम आईटी/आईटीईएस उद्योग और स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करेगा। STPI के माध्यम से अगले 3-5 सालों में 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा मिलेगा।

सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में लैब संचालन के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जांच की संख्या बढ़ाई जाएगी और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

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