नांदेड़, 21 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र सरकार की मंत्री माधुरी मिसल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत दिवस के उपलक्ष्य में यहां आयोजित होने वाला ‘शहीदी समागम’ कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर पहुंचे और नांदेड़ तक ही सीमित न रहे।
अल्पसंख्यक विकास राज्य मंत्री ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए 24-25 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त पेयजल और स्वच्छ शौचालयों की सुविधा उपलब्ध हो।
उन्होंने इस कार्यक्रम के व्यापक प्रचार पर जोर देते हुए कहा कि जन प्रतिनिधियों को स्थानीय स्तर के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए, जबकि सोशल, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के माध्यम से व्यापक जागरूकता पैदा की जानी चाहिए।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में मंत्री के हवाले से कहा गया है, ‘यह आयोजन नांदेड़ तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे वैश्विक स्तर तक पहुंचना चाहिए।’
मिसल ने विद्यार्थियों में देशभक्ति और प्रेरणा की भावना जगाने के लिए विद्यालय स्तर पर निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं के आयोजन का निर्देश दिया। उन्होंने सिनेमा हॉलों में भक्ति गीतों के प्रदर्शन और जिले भर में होर्डिंग्स लगाने का भी सुझाव दिया ताकि इस कार्यक्रम का संदेश फैलाया जा सके।
यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश भी दिए गए कि महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग व्यक्ति सुगमता से कार्यक्रम में भाग ले सकें, और पार्किंग क्षेत्रों से मुख्य स्थल तक उचित परिवहन व्यवस्था की जाए।
जिलाधिकारी राहुल कार्डिले ने बताया कि गुरु तेग बहादुर के 350वीं शहादत दिवस के उपलक्ष्य में असरजन क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के 52 एकड़ के मैदान में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
एक तंबू नगरी में लगभग 14,000 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है, जबकि शहर भर के विवाह हॉल और स्कूलों में भी आवास की व्यवस्था की गई है। इन सभी सुविधाओं की देखरेख के लिए नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि एक भव्य लंगर की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ लगभग 10 लाख श्रद्धालु उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि आवास, भोजन, परिवहन, स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा से संबंधित सुचारू व्यवस्था के लिए सभी विभाग समन्वय में काम कर रहे हैं।
भाषा मनीषा तान्या वैभव
वैभव