असम के मुख्यमंत्री का गौरव के परिवार को आरोप में घसीटना गलत राजनीति : प्रियंका

असम के मुख्यमंत्री का गौरव के परिवार को आरोप में घसीटना गलत राजनीति : प्रियंका

असम के मुख्यमंत्री का गौरव के परिवार को आरोप में घसीटना गलत राजनीति : प्रियंका
Modified Date: February 20, 2026 / 11:43 am IST
Published Date: February 20, 2026 11:43 am IST

( तस्वीर सहित )

गुवाहाटी, 20 फरवरी (भाषा) कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने पार्टी की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई पर पाकिस्तान के साथ कथित संबंधों को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा द्वारा आरोप लगाए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि उनके परिवार और बच्चों को इसमें घसीटना ‘गलत राजनीति’ है।

गुवाहाटी के बाहरी इलाके सोनपुर स्थित ‘जुबीन खेत्र’ में दिवंगत गायक जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद प्रियंका ने कहा कि जुबीन ‘राजनीति से ऊपर’ थे और उन्होंने जीवन भर प्रेम का संदेश फैलाया।

‘जुबीन खेत्र’ वह स्थान है जहां पर जुबीन का अंतिम संस्कार किया गया था।

असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई पर कथित पाकिस्तानी संबंधों को लेकर शर्मा के बार-बार किए जा रहे हमलों के बारे में पूछे जाने पर प्रियंका ने कहा, “राजनीति में दो तरह के नेता होते हैं – एक जो सकारात्मक राजनीति करते हैं और दूसरे जो ध्रुवीकरण करते हैं। गौरव गोगोई प्रेम की राजनीति कर रहे हैं।’’

उन्होंने जोर देकर कहा कि गोगोई “एक सकारात्मक व्यक्ति हैं और राजनीति में सकारात्मकता लाना चाहते हैं।”

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘इसीलिए उन पर ऐसे हमले हो रहे हैं। असम के लोग यह समझते हैं। लेकिन गौरव और उनके परिवार पर हमले गलत राजनीति है। किसी को भी (राजनीतिक नेता के) परिवार और बच्चों पर हमला नहीं करना चाहिए।’’

वायनाड की सांसद ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री को ऐसी राजनीति करने के बजाय राज्य के उन युवाओं और महिलाओं के बारे में बात करनी चाहिए जो नौकरी की तलाश में हैं।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘आप देख रहे हैं कि कितना भ्रष्टाचार हो रहा है। यह राज्य की जनता के साथ सरासर विश्वासघात है।’’

सुबह ‘जुबीन खेत्र’ जाने के बारे में प्रियंका ने कहा कि वह गायक को श्रद्धांजलि देने के लिए वहां गई थीं, न कि इस पर कोई राजनीति करने के लिए।

उन्होंने आगे कहा, ‘‘जुबीन गर्ग राजनीति से ऊपर थे। उनका अंत्येष्टि स्थल एक पवित्र स्थान होना चाहिए और इसका इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं किया जाना चाहिए।’’

भाषा रंजन मनीषा

मनीषा


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