असम: कांग्रेस ने इस्तीफा देने वाले पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी

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असम: कांग्रेस ने इस्तीफा देने वाले पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी

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  • Publish Date - April 9, 2026 / 09:58 PM IST,
    Updated On - April 9, 2026 / 09:58 PM IST

गुवाहाटी, नौ अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की असम इकाई ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने उदलगुड़ी से चुनाव लड़ रहे अपने उम्मीदवार सुरेन दैमरी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिन्होंने मतदान से एक दिन पहले पार्टी से इस्तीफा दे दिया और अपनी उम्मीदवारी “छोड़” दी।

विपक्षी पार्टी ने एक बयान में कहा कि उनके खिलाफ “धोखाधड़ी” और “आपराधिक विश्वासघात” का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

शिकायत के अनुसार, दैमरी ने पार्टी का नामांकन स्वीकार करने और चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार अपने कागजात दाखिल करने के बाद, पार्टी के चिन्ह के तहत सक्रिय रूप से चुनाव प्रचार किया।

बयान में कहा गया है, “हालांकि, मतदान से ठीक एक दिन पहले, उन्होंने कथित तौर पर एक उपद्रवी समूह द्वारा उकसाए जाने पर, कांग्रेस के खिलाफ गलत सूचना फैलाई और पार्टी से अपने इस्तीफे की घोषणा की।”

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने कहा कि उम्मीदवारी देने के अलावा, पार्टी ने दैमरी के बैंक खाते में पार्टी के काम और चुनाव प्रचार के लिए 30 लाख रुपये अंतरित किए थे।

इसमें आरोप लगाया गया, “मतदान से कुछ घंटे पहले इस्तीफा देकर, सुरेन दैमरी ने न केवल पार्टी अनुशासन का उल्लंघन किया है और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की छवि को धूमिल किया है, बल्कि पार्टी के फंड का दुरुपयोग भी किया है।”

बुधवार को दैमरी ने घोषणा की कि उन्होंने पार्टी छोड़ दी है और अपनी उम्मीदवारी “त्याग” दी है। हालांकि, कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने पार्टी को अपना त्यागपत्र नहीं सौंपा है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस में रहने का कोई फायदा नहीं है। इसने मुझे धोखा दिया है।”

दैमरी ने दावा किया कि उदलगुरी सीट से उन्हें नामांकित करने के बाद कांग्रेस ने चुनाव प्रचार में कोई समर्थन नहीं दिया।

उन्होंने आगे कहा, “मैंने पार्टी नेतृत्व को बार-बार फोन किया, लेकिन उन्होंने मेरा फोन तक नहीं उठाया। मुझे बहुत दुख है क्योंकि उन्होंने मेरी बिल्कुल भी मदद नहीं की। जिला कांग्रेस कमेटी ने भी मेरी मदद नहीं की।”

दैमरी की घोषणा से उत्पन्न स्थिति में, चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि नामांकन वापस लेने की समय सीमा बहुत पहले ही बीत चुकी थी और उम्मीदवारों के नाम पहले ही ईवीएम में दर्ज किए जा चुके थे।

उन्होंने कहा, ‘दरअसल, चुनाव कर्मियों के दल अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो चुके हैं। इसलिए अब चुनाव से अपना नाम वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता।’

भाषा प्रशांत माधव

माधव

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