बाघ संरक्षण में असम बना मॉडल, सख्त निगरानी से बढ़ी बाघों की संख्या: हिमंत विश्व शर्मा

बाघ संरक्षण में असम बना मॉडल, सख्त निगरानी से बढ़ी बाघों की संख्या: हिमंत विश्व शर्मा

बाघ संरक्षण में असम बना मॉडल, सख्त निगरानी से बढ़ी बाघों की संख्या: हिमंत विश्व शर्मा
Modified Date: July 29, 2026 / 01:21 pm IST
Published Date: July 29, 2026 1:21 pm IST

गुवाहाटी, 29 जुलाई (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि राज्य बाघ संरक्षण के क्षेत्र में एक ‘‘उत्कृष्ट मॉडल’’ के रूप में उभरा है।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर बाघों की सुरक्षा के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अवैध शिकार रोधी उपायों, प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी और अन्य प्रयासों से राज्य में वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर हम भारत की बाघ संरक्षण रणनीति की उल्लेखनीय सफलता का जश्न मनाते हैं। असम पर्यावास प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट मॉडल के रूप में उभरा है।’’

उन्होंने दावा किया कि अवैध शिकार रोधी कड़े कदमों, वन्यजीव गलियारों के संरक्षण और प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी के कारण पिछले कुछ वर्षों में असम में बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है।

शर्मा ने कहा कि इस साल की एक प्रमुख उपलब्धि नामेरी बाघ अभयारण्य में आया बदलाव है, जहां बाघों की संख्या तीन से बढ़कर 12 हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘काजीरंगा और मानस से लेकर ओरांग और नामेरी तक, हमारे अभयारण्य रॉयल बंगाल टाइगर के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में गौरवान्वित हैं।’’

मुख्यमंत्री ने लोगों से इन प्राणियों की रक्षा और क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराने की अपील की।

भाषा मनीषा माधव

माधव


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