राहुल ने लोकसभा में गृह मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप, सत्तापक्ष ने माफी की मांग की

राहुल ने लोकसभा में गृह मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप, सत्तापक्ष ने माफी की मांग की

राहुल ने लोकसभा में गृह मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप, सत्तापक्ष ने माफी की मांग की
Modified Date: July 29, 2026 / 01:55 pm IST
Published Date: July 29, 2026 1:55 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर बुधवार को लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए, जिसका सत्तापक्ष ने तीखा विरोध किया और उनसे माफी की मांग की।

राहुल गांधी ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान छात्रों के आंदोलन का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री शाह को लेकर गंभीर आरोप लगाया।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बताएं कि किस आधार पर उन्होंने देश के एक जिम्मेदार व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाया है या फिर वह माफी मांगें।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बिना किसी तथ्य, जांच और साक्ष्य के किसी के ऊपर आरोप नहीं लगा सकते।

राहुल गांधी ने विधेयक पर चर्चा के दौरान यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी बच्चों के माता-पिता में साहस नहीं है कि वो भाजपा और उसके वैचारिक संगठन का मुकाबला करें, लेकिन ये बच्चे सामने खड़े हो गए।

राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों ने डर को बाहर निकालकर चुनौती दी और खुलकर सवाल किया।

उन्होंने कहा कि ‘तथाकथित गृह मंत्री’ को हिम्मत नहीं है कि वह सदन में आ सकें।

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि ‘‘गृह मंत्री सदन में नहीं हैं क्योंकि वह डरे हुए हैं।’’

इसके बाद उन्होंने छात्रों पर बलप्रयोग का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने तीखा विरोध किया और कहा कि राहुल गांधी ने गलत बयान दिया और उन्होंने अपने विशेषाधिकार का हनन करते हुए बयान दिया जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं तो सरकार को बताना चाहिए कि किसने आदेश दिया था।

सत्तापक्ष के सदस्यों ने ‘राहुल गांधी माफी मांगों’ और कांग्रेस के सदस्यों ने ‘गृह मंत्री जवाब दो’ के नारे लगाए।

सदन में काफी देर तक गतिरोध की स्थिति बनी रही।

भाषा हक

हक वैभव

वैभव


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