समर्पित संरक्षण प्रयासों से वास्तविक बदलाव संभव: अरुणाचल के मुख्यमंत्री खांडू

समर्पित संरक्षण प्रयासों से वास्तविक बदलाव संभव: अरुणाचल के मुख्यमंत्री खांडू

समर्पित संरक्षण प्रयासों से वास्तविक बदलाव संभव: अरुणाचल के मुख्यमंत्री खांडू
Modified Date: July 29, 2026 / 01:48 pm IST
Published Date: July 29, 2026 1:48 pm IST

ईटानगर, 29 जुलाई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बुधवार को कहा कि बाघों के संरक्षण में भारत की सफलता यह दर्शाती है कि निरंतर संरक्षण प्रयासों से ठोस परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में खांडू ने लोगों से कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर, आइए हम बाघों की रक्षा करने और उसके प्राकृतिक आवास के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं।’’

खांडू ने कहा कि दुनिया में बाघों की सर्वाधिक संख्या वाले देश भारत ने यह दिखा दिया है कि ‘‘समर्पित संरक्षण प्रयास वास्तविक बदलाव ला सकते हैं।’’

उपमुख्यमंत्री चौना मीन ने भी बाघों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर, आइए हम प्रकृति की सबसे शानदार रचनाओं में से एक (बाघ) की रक्षा करने के अपने संकल्प को दोहराएं।’’

मीन ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में बाघों के लिए भारत के कुछ सबसे समृद्ध प्राकृतिक आवास मौजूद हैं, जहां वन और विविध जैव संपदा इस प्रजाति के संरक्षण के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराते हैं।

उन्होंने कहा कि बाघों का संरक्षण करना, हमारे जंगलों और उस पारिस्थितिक संतुलन को बचाना है, जिस पर हमारा जीवन निर्भर है।

उन्होंने कहा कि बाघों की रक्षा, पर्यावरण और जैव विविधता की सुरक्षा से अभिन्न रूप से जुड़ी है।

बाघों और उनके आवासों के संरक्षण की आवश्यकता के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है।

भाषा प्रचेता सिम्मी

सिम्मी


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