शिलांग, 13 जनवरी (भाषा) शिलांग में एक यातायात स्वयंसेवक द्वारा असम के सिलचर से आए एक आगंतुक से प्रतिबंधित क्षेत्र में कार ले जाने के बाद कथित तौर पर 15,000 रुपये ‘जुर्माने’ के रूप में वसूलने का वीडियो वायरल होने के बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
शहर के मदनर्टिंग इलाके में जब एक पुरानी मारुति 800 कार निषिद्ध क्षेत्र में घुस गई, तो यातायात विभाग से जुड़े होम गार्ड स्वयंसेवक ने चालक को रुकने का इशारा किया। कार के न रुकने पर स्वयंसेवक ने मोटरसाइकिल से उसका पीछा किया और उसे रोक लिया।
वीडियो में स्वयंसेवक को कथित तौर पर आगंतुकों को धमकाते और पैसे की मांग करते हुए सुना जा सकता है। वह टूटी-फूटी हिंदी में कह रहा है, ‘लाख लाख का जुर्माना है, कितना दे सकता है? अगर रकम होगी तो हम बोलेंगे, होगा नहीं तो केस पे डाल देगा,’ जिसका मतलब है कि अगर मौके पर नकद भुगतान नहीं किया गया तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
स्वयंसेवक ने शुरू में लगभग एक लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन बातचीत के बाद वह 17,000 रुपये पर मान गया। फिर वह ड्राइवर को एटीएम ले गया और अंत में 15,000 रुपये का भुगतान करने के बाद उसे जाने दिया।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
पीटीआई वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी।
पूर्वी खासी हिल्स जिले के एसपी विवेक सिएम ने बताया कि जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘संबंधित व्यक्ति एक अस्थायी कर्मचारी है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों से नकद मांगना या स्वीकार करना गैरकानूनी है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।’
भाषा तान्या वैभव
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