शिलांग में हिंसा के विरोध में प्रदर्शन से असम-मेघालय सड़क संपर्क बाधित

शिलांग में हिंसा के विरोध में प्रदर्शन से असम-मेघालय सड़क संपर्क बाधित

शिलांग में हिंसा के विरोध में प्रदर्शन से असम-मेघालय सड़क संपर्क बाधित
Modified Date: August 20, 2026 / 07:28 pm IST
Published Date: August 20, 2026 7:28 pm IST

गुवाहाटी, 20 अगस्त (भाषा) गुवाहाटी के कैब संचालकों द्वारा मेघालय के वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर रोक दिए जाने के कारण बृहस्पतिवार को असम और मेघालय के बीच यातायात प्रभावित रहा।

कैब संचालकों ने शिलांग में विद्यार्थियों की रैली के दौरान असम के लोगों पर कथित हमले के विरोध में यह कदम उठाया।

मेघालय में पंजीकृत वाहनों और सैकड़ों यात्रियों को असम-मेघालय सीमा के पास परेशानी का सामना करना पड़ा।

कैब संचालकों ने एक दिन पहले शिलांग में खासी छात्र संघ (केएसयू) की बाइक रैली के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के विरोध में राजमार्ग पर वाहनों को रोक दिया। अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 31 वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और कई राहगीरों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।

उन्होंने बताया कि जिन वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया उनमें ज्यादातर सरकारी एसयूवी शामिल हैं।

असम के वाणिज्यिक वाहन चालकों ने अंतरराज्यीय सीमा पर जोरबाट और खानापाड़ा में मेघालय में पंजीकृत वाहनों को रोक दिया, जिससे गुवाहाटी और शिलांग के बीच यातायात बाधित हुआ।

मेघालय से आने वाले यात्रियों को जोरबाट में उतरना पड़ा और वे अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए असम की टैक्सियों में सवार हुए।

वहीं, शहर से बाहर जा रही मेघालय की टैक्सियों को बिना यात्रियों के जाने दिया गया।

गुवाहाटी के एक कैब संचालक ने केएसयू की बाइक रैली के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया, ‘‘वे चुन-चुनकर हम पर हमला कर रहे थे और उनकी पुलिस (मेघालय पुलिस) ऐसे देख रही थी, जैसे हम किसी दूसरे देश के नागरिक हों। असम के चालकों के साथ मारपीट की यह पहली घटना नहीं है। हमें कई बार इस तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ा है।’’

‘असम स्टेट ड्राइवर्स यूनियन’ ने हिंसा की निंदा की और कहा कि अतीत में भी मेघालय में असम के वाहनों को इसी तरह के हमलों का सामना करना पड़ा है।

असम पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने खानापाड़ा में मेघालय में पंजीकृत एक टैक्सी को क्षतिग्रस्त कर दिया लेकिन स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया गया।

शिलांग में निकाली गई रैली केएसयू के पांच सूत्री मांगपत्र को लेकर जारी आंदोलन का हिस्सा थी।

इनमें मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट लागू करने, मेघालय लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) और जिला चयन समितियों (डीएससी) के जरिए होने वाली भर्तियों में सुधार तथा प्रवासी श्रमिकों के नियमन को और सख्त करने जैसी मांगें शामिल हैं।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश


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