शिलांग हिंसा : उच्च न्यायालय ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए

शिलांग हिंसा : उच्च न्यायालय ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए

शिलांग हिंसा : उच्च न्यायालय ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए
Modified Date: August 20, 2026 / 08:55 pm IST
Published Date: August 20, 2026 8:55 pm IST

शिलांग, 20 अगस्त (भाषा) मेघालय उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिलांग में एक दिन पहले प्रभावशाली छात्र संगठन की ओर से निकाली गई बाइक रैली के दौरान हुई हिंसा में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएं।

अदालत ने 24 अगस्त तक इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी।

उच्च न्यायालय ने खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) की रैली के दौरान हुई हिंसा का स्वत: संज्ञान लेते हुए यह निर्देश दिया। इस हिंसा में सरकारी, पुलिस और व्यावसायिक वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया था तथा स्कूल जाने वाले बच्चों सहित आम लोगों की जान और सुरक्षा को कथित रूप से खतरा पैदा हुआ था।

न्यायमूर्ति एचएस थांगखिव और न्यायमूर्ति डब्ल्यू डिएंगदोह की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान वाली कार्यवाही की सुनवाई के दौरान इन घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताया।

महाधिवक्ता ने अदालत को हिंसा के संबंध में अधिकारियों की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी और बताया कि संगठन के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।

अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि 24 अगस्त तक अधिकारियों की ओर से की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण देते हुए रिपोर्ट पेश की जाए। इसी दिन मामले पर आगे सुनवाई होगी।

केएसयू की ओर से 19 अगस्त को निकाली गई बाइक रैली हिंसक हो गई थी। शिलांग के कई हिस्सों में पथराव, तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाएं सामने आई थीं।

ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विवेक सियेम के अनुसार, हिंसा में कम से कम 31 वाहन क्षतिग्रस्त हुए, 16 लोग घायल हुए और दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

केएसयू के तीन वरिष्ठ नेताओं-अध्यक्ष रेमंड खारजाना, उपाध्यक्ष पिन्कमेनलांग सानमिएत और महासचिव रूबेन नाजियार-को गिरफ्तार कर बाद में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

उच्च न्यायालय का यह हस्तक्षेप हिंसा और उसके बाद उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर शिलांग तथा मेघालय-असम सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के बीच आया है।

भाषा रवि कांत रवि कांत पारुल

पारुल


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