असम, त्रिपुरा और मेघालय के कुछ हिस्से भारत में अवैध घुसपैठ का जरिया बने: प्रद्योत देबबर्मा

असम, त्रिपुरा और मेघालय के कुछ हिस्से भारत में अवैध घुसपैठ का जरिया बने: प्रद्योत देबबर्मा

असम, त्रिपुरा और मेघालय के कुछ हिस्से भारत में अवैध घुसपैठ का जरिया बने: प्रद्योत देबबर्मा
Modified Date: April 27, 2025 / 08:00 pm IST
Published Date: April 27, 2025 8:00 pm IST

अगरतला, 27 अप्रैल (भाषा) टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने रविवार को दावा किया कि असम, त्रिपुरा और मेघालय के कुछ हिस्से पूर्वोत्तर और शेष भारत में अवैध घुसपैठ का प्रमुख जरिया बन गए हैं।

यह बयान अगरतला रेलवे स्टेशन पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद आया है।

देबबर्मा ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हर दिन अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ कर रहे हैं। पांच लोग पकड़े जाते हैं, तो 1,000 लोग इलाके और छिद्रपूर्ण सीमा के कारण बच निकलते हैं। त्रिपुरा एक बार फिर जनसांख्यिकीय परिवर्तन से गुजर रहा है। असम, त्रिपुरा और मेघालय के कुछ हिस्से पूर्वोत्तर और शेष भारत में अवैध घुसपैठ के लिए पारगमन बिंदु बन गए हैं।’’

बांग्लादेश के साथ लगती 856 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा में से त्रिपुरा में अब तक 90 प्रतिशत से अधिक सीमा पर बाड़ लगाई जा चुकी है। प्रतिकूल भौगोलिक परिस्थितियों सहित विभिन्न कारणों से शेष हिस्से पर बाड़ नहीं लगाई जा सकी है।

देबबर्मा ने दावा किया, ‘‘मूल निवासी जनजातियां यहां भूमि अधिकार की मांग कर रही हैं, क्योंकि हम जानते हैं कि जल्द ही हम अवैध प्रवासियों से त्रस्त हो जाएंगे।’’

भाषा संतोष पारुल

पारुल


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