ब्रिगेडियर पर हमला मामला: आरोपियों का टालमटोल वाला रवैया, घटना पर पछतावा नहीं
ब्रिगेडियर पर हमला मामला: आरोपियों का टालमटोल वाला रवैया, घटना पर पछतावा नहीं
नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में सेना के ब्रिगेडियर और उनके बेटे पर हमले और उनकी पत्नी को धमकी देने के आरोपी पूछताछ में ‘टालमटोल’ का रवैया अपना रहे हैं और दोनों ने अब तक ‘कोई पश्चाताप’ नहीं दिखाया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
दोनों आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्हें जांच के तहत पूछताछ के लिए प्रतिदिन थाने बुलाया जा रहा है।
सूत्र ने बताया, ‘हम दोनों आरोपियों को प्रतिदिन बुला रहे हैं। वे कल और आज भी संबंधित थाने गए थे। टीमें लगातार उनसे पूछताछ कर रही हैं, लेकिन वे सवालों के जवाब देने में टालमटोल का रवैया अपना रहे हैं।’
सूत्र ने बताया कि जांचकर्ताओं ने इस मामले में पर्याप्त सबूत जुटा लिये हैं और वे आरोपियों को जांच में शामिल होने के लिए बुलाते रहेंगे।
उन्होंने कहा, ‘हमारे पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं… लेकिन पूछताछ के दौरान वे पूरी घटना पर कोई पछतावा नहीं दिखा रहे हैं।’
इस मामले के सिलसिले में एक विमानन कंपनी के निदेशक सतेंद्र उर्फ सोनू (49) और ढाबा मालिक संजय शर्मा (56) को गिरफ्तार किया गया था और बाद में कानूनी प्रावधानों के अनुसार पुलिस ने उन्हें जमानत दे दी थी।
वसंत एन्क्लेव इलाके में 11 अप्रैल को कार में बैठकर शराब पीने के बारे में पूछने पर आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर ब्रिगेडियर परमिंदर सिंह अरोड़ा एवं उनके आईआईटी स्नातक बेटे तेजस सिंह अरोड़ा पर कथित रूप से हमला कर दिया था तथा सैन्य अधिकारी की पत्नी को कथित रूप से धमकाया और उनके साथ बदसलूकी की।
पुलिस ने बताया कि टीमें अन्य संदिग्धों की पहचान करने के लिए काम कर रही हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘जांच जारी है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।’
भाषा नोमान नोमान सुरेश
सुरेश

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