Assembly Election Result 2026: दीदी और स्टालिन के लिए इस पूर्व सीएम ने किया था धुआंधार प्रचार! दोनों राज्यों में चली गई सत्ता, रिजल्ट से अब उनकी भी बढ़ गई टेंशन

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Assembly Election Result 2026: पांच राज्यों के चुनावों के परिणाम आने के बीच सबसे ज्यादा आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की हो रही है।

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  • Publish Date - May 4, 2026 / 04:15 PM IST,
    Updated On - May 4, 2026 / 04:16 PM IST

Assembly Election Result 2026 || Image- ANI News File

HIGHLIGHTS
  • पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे अब सामने आने लगे हैं।
  • बंगाल में ममता और तमिलनाडु में स्टालिन दोनों के हाथों से सत्ता चले गई है।
  • दोनों दिग्गज नेताओं के लिए पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने चुनाव प्रचार किया था।

Assembly Election Result 2026: नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने क्षेत्रीय दलों के साथ-साथ कई लोगों को चौंका दिया है। इसके साथ ही आज आए परिणामों ने विपक्षी एकता के बड़े चेहरों की चुनावी साख पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। पांच राज्यों के चुनावों के परिणाम आने के बीच सबसे ज्यादा आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल की हो रही है।

अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तामिलनाडु में एम.के. स्टालिन के पक्ष में प्रचार किया था। रुझान, जो अब नतीजों में तब्दील हो रहे हैं वो बताते हैं कि जनता ने उनके प्रचार को पूरी तरह नकार दिया है।

केजरीवाल ने स्टालिन को बताया था भाई

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, केजरीवाल ने 20 अप्रैल 2026 को चेन्नई के पुलियानथोपे में स्टालिन को अपना ‘भाई’ बताते हुए उनके लिए रोड शो किया था। केजरीवाल ने भाजपा को विभाजनकारी बताते हुए दावा किया था कि, तामिलनाडु के लोग भाजपा से नफरत करते हैं, लेकिन आज सामने आए रुझान और परिणामों में स्टालिन की डीएमके तीसरे नंबर पर पिछड़ गई है, (Assembly Election Result 2026) जबकि अभिनेता विजय की नई पार्टी TVK ने बड़ा उलटफेर कर दिया है। केजरीवाल का वह भावुक अपील वाला कार्ड तमिलनाडु में नाकाम साबित हुआ।

ममता के लिए भी केजरीवाल ने किया था प्रचार

Assembly Election Result 2026:  वहीं दूसरी तरफ 26-27 अप्रैल को बंगाल के रण में उतरे केजरीवाल ने ममता बनर्जी के लिए जमकर प्रचार किया था। (Assembly Election Result 2026) बल्लीगंज की रैली में उन्होंने सेना की तैनाती पर सवाल उठया था। उन्होंने कोलकाता और हावड़ा में रैलियां कीं, ममता बनर्जी के लिए वोट मांगते हुए केंद्र सरकार की नीतियों को “बंगाल संस्कृति पर हमला” बताया।

नहीं दिखा केजरीवाल की रैलियों का असर

दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल के इन तीखे बयानों और टीएमसी के पक्ष में उनकी रैलियों का कोई सकारात्मक असर जमीन पर नहीं दिखा, बल्कि भाजपा ने इसे ‘बंगाल के अपमान’ और ‘गुमराह करने वाली राजनीति’ के तौर पर भुना लिया। इन दो राज्यों के नतीजे यह संकेत दे रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल का प्रभाव फिलहाल सीमित नजर आ रहा है। (Assembly Election Result 2026) राष्ट्रीय स्तर पर ‘एंटी-बीजेपी’ चेहरा बनने की उनकी कोशिशों को इन चुनावी हारों से बड़ा झटका लगा है।

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