असम में चुनाव संबंधी हिंसा में करीब 30 लोग घायल, सात गिरफ्तार

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असम में चुनाव संबंधी हिंसा में करीब 30 लोग घायल, सात गिरफ्तार

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  • Publish Date - April 9, 2026 / 08:26 PM IST,
    Updated On - April 9, 2026 / 08:26 PM IST

गुवाहाटी/सिलचर/डिब्रूगढ़ (असम), नौ अप्रैल (भाषा) असम में बृहस्पतिवार को चुनाव संबंधी हिंसा में करीब 30 लोग घायल हुए और सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि श्रीभूमि जिले के पथारकंडी निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार कार्तिक सेना सिन्हा कथित तौर पर रंगमती मतदान केंद्र में घुस गए और पीठासीन अधिकारी से बहस करने लगे।

उन्होंने कहा, “उन्होंने दावा किया कि फर्जी मतदाताओं ने असली लोगों के वोट डाले। जब पीठासीन अधिकारी ने इस आरोप का खंडन किया, तो उन्होंने ईवीएम तोड़ दी। इसके बाद कांग्रेस और भाजपा के समर्थकों ने हाथापाई शुरू कर दी।”

सिन्हा का सीधा मुकाबला असम के मंत्री और भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु पॉल से है।

अधिकारी ने बताया, “इस झड़प में करीब 25 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। उन्हें इलाज के लिए करीमगंज सिविल अस्पताल भेजा गया है।”

श्रीभूमि की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लीना डोले मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया।

अशांति के कारण मतदान केंद्र पर लगभग तीन घंटे तक मतदान रुका रहा। चुनाव अधिकारियों द्वारा ईवीएम को वापस अपनी जगह पर रखने के बाद मतदान पुनः शुरू हुआ।

अधिकारी ने कहा, “सिन्हा घटनास्थल से चले गये और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। आगे की जांच जारी है।”

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एक अन्य घटना में, डिब्रूगढ़ जिले के खोवांग निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा समर्थकों के साथ झड़प में असम जातीय परिषद (एजेपी) के तीन नेता घायल हो गए।

उन्होंने कहा, “खबरों के मुताबिक, एजेपी ने आरोप लगाया कि भाजपा इलाके के एक घर में आईटी सेल चला रही है। एजेपी कार्यकर्ताओं का एक समूह पुलिस के साथ वहां पहुंचा। कुछ समय बाद, एजेपी नेता समुद्र बरुआ, स्वाख्यार बोरगोहेन और चित्रकमल हांडीक भी वहां गए।”

अधिकारी ने बताया कि तीखी बहस के बाद एजेपी कार्यकर्ता और भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, जिसमें एजेपी के तीन नेता घायल हो गए।

संपर्क करने पर डिब्रूगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव अभिजीत दिलीप ने कहा, “यह इमारत पार्टी का कार्यालय प्रतीत होती है और वहां क्या गतिविधि चल रही थी, इसका पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।”

इसके अलावा, सुबह मतदान शुरू होने के बाद कई जिलों के कई मतदान केंद्रों पर मामूली झड़पों की भी खबरें आई हैं, जिनमें लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

एक अधिकारी ने कहा, “ज्यादातर झड़पें भारी भीड़ के कारण हुईं, जिसमें लोग कतार तोड़ने को लेकर आपस में भिड़ गए।”

उन्होंने आगे बताया कि कुछ मतदान केंद्रों पर सत्ताधारी और विपक्षी दलों के समर्थकों के बीच झड़प हुई। हालांकि, पुलिस पहले से ही उन क्षेत्रों में मौजूद थी और स्थिति को तुरंत नियंत्रण में कर लिया गया।

इस बीच, पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) अखिलेश कुमार सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए सुबह सात बजे मतदान शुरू होने से कुछ घंटे पहले बुधवार रात को तामुलपुर और शिवसागर में हिंसा हुई।

उन्होंने बताया, “हमें कल रात तामुलपुर में दो गुटों के बीच झड़प की सूचना मिली थी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। जब भीड़ नहीं मानी, तो उसे तितर-बितर करने के लिए हवा में गोली चलाई गई।”

उन्होंने बताया कि मौके से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) के मुख्य कार्यकारी सदस्य हाग्रामा मोहिलारी ने कहा कि विस्तृत जांच से तामुलपुर में हुई झड़प का कारण पता चलेगा।

उन्होंने कहा, “हालात अब सामान्य हैं। हम स्थिति पर नज़र रख रहे हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है।”

सिंह ने बताया कि एक अन्य घटना में, शिवसागर में एक राजनीतिक दल के कुछ सदस्यों पर हमला किया गया।

उन्होंने आगे कहा, “हमने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। जांच जारी है।”

शिवसागर सीट से दोबारा चुनाव लड़ रहे अखिल गोगोई ने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार कुशल डोवारी का हाथ था।

सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार पोस्ट में गोगोई ने दावा किया कि हमले में दो लोग घायल हुए और उनके वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश

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