आप विधायकों को बाहर निकाले जाने पर आतिशी ने सदन को गुमराह किया: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष

आप विधायकों को बाहर निकाले जाने पर आतिशी ने सदन को गुमराह किया: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष

आप विधायकों को बाहर निकाले जाने पर आतिशी ने सदन को गुमराह किया: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष
Modified Date: January 6, 2026 / 10:30 pm IST
Published Date: January 6, 2026 10:30 pm IST

नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों को सदन से बाहर निकालने के मामले में गुमराह करने की कोशिश की और इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया।

सोमवार को, आप के चार विधायकों को उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण में वायु प्रदूषण पर स्पष्टता की मांग को लेकर बाधा डालने के लिए विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और आप के अन्य विधायकों ने गंभीर वायु प्रदूषण के विरोध में शीतकालीन सत्र के पहले दिन ‘गैस मास्क’ पहनकर आए।

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विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार गुप्ता ने कहा कि आतिशी ने मीडिया को ‘गलत जानकारी’ दी और यह दावा करके सदन को ‘जानबूझकर गुमराह’ करने वाले बयान दिए कि विपक्षी सदस्यों को केवल मास्क पहनने के कारण विधानसभा से निलंबित कर दिया गया।

इससे पहले, आतिशी ने आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा से भाग रही है और इस मुद्दे को उठाने के लिए उनके पार्टी सहयोगियों को सदन से बाहर कर दिया गया।

सचिवालय के बयान के अनुसार, संजीव झा, सोम दत्त, कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह को सदन की कार्यवाही में जानबूझकर बाधा डालने के आरोप में सदन से निलंबित कर दिया गया।

बयान में कहा गया, ‘‘अध्यक्ष द्वारा की गई कार्रवाई का मास्क पहनने से कोई संबंध नहीं था। किसी भी सदस्य को केवल मास्क पहनने के कारण निलंबित नहीं किया गया, और इस संबंध में कोई भी टिप्पणी तथ्यों का गलत प्रस्तुतीकरण है।’

गुप्ता ने कहा कि सदन के अध्यक्ष पर सीधे आरोप लगाए जाने से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने कहा, ‘नेता प्रतिपक्ष का बयान पूरी तरह से गैरजिम्मेदाराना है और उनकी अपरिपक्वता को दर्शाता है।’ उन्होंने इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया।

बयान के अनुसार, आतिशी ने ‘दिल्ली में प्रदूषण’ विषय पर चर्चा शुरू करने का प्रयास किया, जबकि यह मामला पहले से ही सात जनवरी को चर्चा के एजेंडे में औपचारिक रूप से सूचीबद्ध है।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश


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