प्रियंका गांधी का निजी सचिव बनकर केरल के सांसदों और विधायक को ठगने की कोशिश, मामला दर्ज
प्रियंका गांधी का निजी सचिव बनकर केरल के सांसदों और विधायक को ठगने की कोशिश, मामला दर्ज
कोझिकोड (केरल), 16 जुलाई (भाषा) साइबर ठगी के एक मामले में जालसाज ने वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा का निजी सचिव बनकर केरल के कुछ सांसदों और एक विधायक से धन की मांग कर उन्हें ठगने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
प्रियंका गांधी के निजी सचिव डी. एस. राजकुमार द्वारा राज्य पुलिस प्रमुख और वायनाड के पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने खुद को प्रियंका गांधी का निजी सचिव बताकर एलाथुर की विधायक के. विद्या बालकृष्णन तथा कांग्रेस सांसद शफी परम्बिल और डीन कुरियाकोस से संपर्क किया।
राजकुमार ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उनकी पहचान और सांसदों के कार्यालय के नाम का दुरुपयोग करते हुए जनप्रतिनिधियों से धन की मांग कर उन्हें ठगने का प्रयास किया।
इस मामले में वायनाड साइबर पुलिस ने बुधवार को किसी और का रूप धारण करने तथा धोखाधड़ी से संबंधित प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इससे पहले, कोझिकोड साइबर पुलिस ने भी कांग्रेस विधायक विद्या बालकृष्णन की शिकायत के आधार पर एक मामला दर्ज किया।
पुलिस के अनुसार, छह जुलाई को दोपहर करीब दो बजे विद्या बालकृष्णन को व्हाट्सऐप पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने अपना परिचय नयी दिल्ली स्थित प्रियंका गांधी वाद्रा के कार्यालय के कर्मचारी ‘राज कुमार’ के रूप में दिया।
फोन करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि केरल में जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार या फेरबदल होने वाला है और यदि वह तीन करोड़ रुपये दें, तो उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है।
पुलिस ने बताया कि अंग्रेजी भाषा में हुई यह बातचीत करीब 10 मिनट तक चली। बातचीत के दौरान ही विधायक को कॉल करने वाले की बातों पर संदेह हो गया।
फोन करने वाले व्यक्ति ने यह भी दावा किया कि कोझिकोड के एक अन्य सांसद ने उनका नाम इस पद के लिए सुझाया है।
फोन कॉल समाप्त होने के बाद विधायक ने उस सांसद से संपर्क किया। सांसद ने उन्हें बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी कार्यालय का कर्मचारी बताने वाले एक व्यक्ति ने उनसे विद्या बालकृष्णन और एक अन्य विधायक के फोन नंबर मांगे थे।
अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद विद्या बालकृष्णन ने प्रियंका गांधी वाद्रा के कार्यालय से संपर्क किया और यह पुष्टि हुई कि यह ठगी का प्रयास था।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह फोन कॉल नयी दिल्ली से की गई थी और इसमें इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर के आधार पर एक संदिग्ध की पहचान कर ली गई है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी यह जांच की जानी बाकी है कि मोबाइल सिम फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर तो जारी नहीं कराया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच के लिए कोझिकोड साइबर पुलिस की एक टीम जल्द ही नयी दिल्ली जाएगी।
भाषा
गोला मनीषा
मनीषा

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