कांग्रेस राम मंदिर, पेपर लीक और एथनॉल के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में

कांग्रेस राम मंदिर, पेपर लीक और एथनॉल के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में

कांग्रेस राम मंदिर, पेपर लीक और एथनॉल के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में
Modified Date: July 16, 2026 / 01:52 pm IST
Published Date: July 16, 2026 1:52 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को फैसला किया कि वह संसद के आगामी मानसून सत्र में केंद्र सरकार को शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी अनियमितता, पेपर लीक, राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी, एथनॉल से जुड़े विषय तथा कई अन्य मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगी।

पार्टी का यह भी कहना है कि वह इस सत्र में विदेश नीति, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यकों के अधिकारों से जुड़े विषय प्रमुखता से उठाएगी।

पार्टी की संसदीय रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास ’10, जनपथ’ पर बृहस्पतिवार पूर्वाह्न एक बैठक हुई।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम रमेश सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि ‘‘चंदा चोरी–आस्था से धोखा, प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था का सुनियोजित पतन, संस्थानों पर कब्जा, राजनीतिक दलों को तोड़ना, अनेक घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोप, कमरतोड़ महंगाई, विदेश नीति की विफलताएं और रणनीतिक भूलें, 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर एथेनॉल मिश्रण (ब्लेंडिंग) थोपना, बेलगाम वनों की कटाई तथा एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर लगातार हमले’’ ऐसे प्रमुख मुद्दे हैं जिन पर कांग्रेस मानसून सत्र में मोदी सरकार से जवाब मांगेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में जनता के जीवन और भविष्य से जुड़े इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में संसद के भीतर विपक्षी दलों के साथ समन्वय, विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तथा सदन में पार्टी की प्राथमिकताओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने की संभावना है।

सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की भी सोमवार को बैठक प्रस्तावित है, जबकि सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

भाषा हक तान्या मनीषा

मनीषा


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