दिल्ली के निगम के कई वार्ड में जमीन का औसत तापमान बढ़ रहा: विचारक संस्था का विश्लेषण
दिल्ली के निगम के कई वार्ड में जमीन का औसत तापमान बढ़ रहा: विचारक संस्था का विश्लेषण
(अहेली दास)
नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) राजधानी के नगर निगम के कई वार्ड में पिछले 10 सालों से धीरे-धीरे गर्मी बढ़ रही है, जहां जमीन का औसत तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। एक स्वतंत्र संगठन द्वारा उपग्रह आंकड़ों के विश्लेषण से यह जानकारी मिली है।
अनुसंधान और सलाहकार विचारक संस्था, ‘द एनवायरोकैटलिस्ट’ ने खुलासा किया है कि तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों से लेकर घटते हरित क्षेत्र तक, शहर का बदलता परिदृश्य स्थानीय स्तर पर अत्यधिक गर्मी वाले क्षेत्रों को जन्म दे रहा है, जिससे यह चिंता बढ़ गयी है कि दिल्ली आने वाले वर्षों में बढ़ते तापमान से कैसे निपटेगी।
संस्था के विशेषज्ञों ने बताया कि हवा का तापमान आमतौर पर एलएसटी (भूमि की सतह का तापमान या किसी विशेष स्थान की खुली सतह का तापमान) से कम होता है।
द एनवायरोकैटलिस्ट के संस्थापक और मुख्य विश्लेषक सुनील दहिया ने कहा, “इस विश्लेषण का महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि यह दर्शाता है कि दिल्ली में किन स्थानों को बढ़ती गर्मी के अनुकूल होने के लिए स्थानीय ताप अनुकूलन योजनाओं और सूक्ष्म नीतिगत परिवर्तनों की आवश्यकता हो सकती है।”
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एलएसटी में वृद्धि के लिए भूमि उपयोग में परिवर्तन सहित कई कारकों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
दहिया ने कहा, “इसके कुछ कारण यह हो सकते हैं कि किसी विशेष क्षेत्र में जहां कुछ संख्या में पार्क, जल निकाय या यहां तक कि छोटी वनस्पति भी थी, उसे शहरीकृत या निर्मित क्षेत्र से बदल दिया गया है। इससे किसी क्षेत्र में स्थानीय ताप में वृद्धि हो सकती है।”
उन्होंने बताया कि यहां तक कि धातु जैसी अधिक गर्मी अवशोषित करने वाली निर्माण सामग्री का उपयोग या अधिक कंक्रीट, ग्रेनाइट का उपयोग भी प्रासंगिक कारक हो सकते हैं।
संगठन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल महीने में, दक्षिण दिल्ली के भाटी में 2015 से 2025 तक एलएसटी में 6.1 डिग्री सेल्सियस की सबसे अधिक औसत वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके बाद मदनपुर खादर पूर्व और बदरपुर में औसत तापमान में 5.9 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई, गौतमपुरी में औसत तापमान में 5.7 डिग्री की वृद्धि हुई और मीठापुर, देवली, संगम विहार-बी और सैदुलाजाब में 5.4-5.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई।
एनवायरोकैटलिस्ट द्वारा किए गए एक विश्लेषण में कहा गया है, “दिल्ली के औसत भू-सतही तापमान में 2015 से 2025 के बीच अप्रैल महीने में 3.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि इसी अवधि में यूटीसीआई (यूनिवर्सल थर्मल क्लाइमेट इंडेक्स) में 3.4 की वृद्धि हुई है।”
यूटीसीआई एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त माप है जिसका उपयोग यह आकलन करने के लिए किया जाता है कि मानव शरीर को कितनी गर्मी या ठंड महसूस होती है।
इस बीच, पिछले 10 वर्षों में अप्रैल माह में दो वार्डों में एलएसटी (स्थानीय औसत तापमान) में कमी देखी गई। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के मुबारकपुर और निठारी में क्रमशः 0.6 डिग्री और 0.4 डिग्री की कमी दर्ज की गई।
रानी खेड़ा और सबरपुर दिल्ली के उन वार्डों में शामिल हैं जहां औसत एलएसटी परिवर्तन सबसे कम रहा, अंतर क्रमशः 0.6 डिग्री सेल्सियस और 0.8 डिग्री सेल्सियस था।
भाषा प्रशांत नोमान
नोमान

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