आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
चंडीगढ़, सात जनवरी (भाषा) पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने भारत में आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों, हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी के मामले में दो आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
अदालत ने अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह रोडे के बेटे गुरमुख सिंह और गुरमेज सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति गुरविंदर सिंह गिल और रमेश कुमारी की खंडपीठ ने यह आदेश पिछले वर्ष पांच दिसंबर को पारित किया था।
पीठ ने टिप्पणी की कि आतंकवाद को प्रायोजित करना एक ”महंगा काम” है और आरोप है कि आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए सीमा पार से देश में हेरोइन की तस्करी की जा रही थी।
उच्च न्यायालय ने कहा, ” प्रतिवादी एनआईए द्वारा रिकॉर्ड पर लाए गए तथ्य प्रथम दृष्टया अपीलकर्ताओं की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता को साबित करते हैं। मुकदमे की कार्यवाही जारी है। चूंकि उनके सीमा पार मौजूद ऐसे व्यक्तियों से संबंध हैं, जो उनकी गतिविधियों का वित्तपोषण करते हैं, इसलिए उनके मुकदमे की कार्यवाही से फरार होने की भी आशंका है।”
अदालत ने इन टिप्पणियों के साथ गुरमुख सिंह और गुरमेज सिंह द्वारा दायर अपीलों को खारिज कर दिया।
दोनों आरोपियों ने पहले पंजाब की एनआईए अदालत से जमानत मांगी थी, लेकिन वहां उनकी अर्जी खारिज हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया।
भाषा जोहेब पवनेश
पवनेश

Facebook


