बांग्लादेश की अवामी लीग पर प्रतिबंध लोकतंत्र के खिलाफ कदम है : तसलीमा
बांग्लादेश की अवामी लीग पर प्रतिबंध लोकतंत्र के खिलाफ कदम है : तसलीमा
कोलकाता, दो अगस्त (भाषा) देश से निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने रविवार को बांग्लादेश की अवामी लीग पर प्रतिबंध का विरोध किया। उन्होंने इस फैसले को “लोकतंत्र के खिलाफ कदम” बताया और कहा कि राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, तसलीमा ने बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की देश वापसी को लेकर भी अनिश्चितता जताई।
हसीना (78) अगस्त 2024 में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद अपनी सरकार गिरने पर ढाका से भागकर भारत में रह रही हैं।
लेखिका (63) ने यहां पत्रकारों से कहा, “किसी भी राजनीतिक पार्टी पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए। जिस तरह से शेख हसीना को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, वह सवालिया निशान खड़ा करता है। अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाना सही नहीं था। यह लोकतंत्र के खिलाफ उठाया गया कदम था। मैं चाहती हूं कि इस प्रतिबंध को जल्द से जल्द हटाया जाए।”
बांग्लादेश की तत्कालीन अंतरिम सरकार ने 2025 में आतंकवाद-रोधी कानून के तहत अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया था।
तसलीमा ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश से हसीना के जाने के बाद अवामी लीग के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया था।
तसलीमा ने कहा, “अवामी लीग के कई कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। शेख हसीना वापस लौटना चाहती हैं, लेकिन मुझे नहीं पता कि यह संभव होगा या नहीं। लेकिन कोई यह नहीं चाहता कि मैं वापस जाऊं।”
लेखिका ने 1994 में उनकी रचनाओं और धर्म पर उनके विचारों के कारण कट्टरपंथी समूहों से मिली जान से मारने की धमकियों के चलते बांग्लादेश छोड़ दिया था।
तसलीमा ने बांग्लादेश के राजनीतिक हालात की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि देश में धार्मिक कट्टरपंथी ताकतें मज़बूत हो रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, “अब हमारे पास विपक्षी पार्टी के तौर पर जमात-ए-इस्लामी है। यह महिलाओं की बराबरी के खिलाफ है और वे शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। अगर ऐसा हुआ, तो कोई भी अल्पसंख्यक समुदाय नहीं बचेगा। बांग्लादेश अंधेरे की ओर बढ़ रहा है। कोई भी देश को सभ्य बनाने की कोशिश नहीं कर रहा है। सरकार सिर्फ़ सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रही है।”
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश

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