जेपीएससी, जेएसएससी परीक्षा में ‘अनियमितताओं’ के खिलाफ रांची में छात्रों का प्रदर्शन

जेपीएससी, जेएसएससी परीक्षा में ‘अनियमितताओं’ के खिलाफ रांची में छात्रों का प्रदर्शन

जेपीएससी, जेएसएससी परीक्षा में ‘अनियमितताओं’ के खिलाफ रांची में छात्रों का प्रदर्शन
Modified Date: August 2, 2026 / 10:01 pm IST
Published Date: August 2, 2026 10:01 pm IST

रांची, दो अगस्त (भाषा) झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं परीक्षा जेएसएससी-सीजीएल और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सैकड़ों छात्रों का प्रदर्शन रविवार को लगातार पांचवें दिन जारी रहा। प्रदर्शनकारी परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई जांच और भर्ती एजेंसियों में सुधार की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारी 29 जुलाई से एक स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।

उन्होंने “जेपीएससी में सीबीआई जांच का आदेश दो”, ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ और ‘हेमंत सोरेन शर्म करो’ जैसे नारे लगाए।

जेपीएससी अभ्यर्थी राहुल कुमार क्रांति ने कहा, “जेपीएससी में कई बार पेपर लीक हुए हैं। इस बार अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट लीक हुई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सीआईडी जांच का आदेश दिया है, लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी)-सीजीएल पेपर लीक मामले की पिछली जांच के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

क्रांति ने दावा किया कि कुछ महीने बाद इस नयी जांच को भी ‘दबाया जा सकता है।”

उन्होंने कहा, “सीआईडी जांच पर हमारा पूरी तरह से विश्वास खत्म हो गया है। हम पिछले सात वर्ष में जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग करते हैं। हम नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की भी मांग करते हैं।”

प्रदर्शनकारी 19 अप्रैल को आयोजित 14वीं जेपीएससी संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और जेपीएससी व जेएसएससी द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई तथा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

गिरिडीह जिले के अंकित कुमार ने कहा, “दोनों एजेंसियों में भ्रष्टाचार के कारण हजारों छात्रों और अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर है। हममें से ज्यादातर किसान परिवारों से हैं। हम केवल योग्यता के आधार पर निष्पक्ष अवसर चाहते हैं।”

रांची की आदिवासी छात्रा स्नेहा ने कहा कि प्रदर्शनकारी कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों को सख्त सजा देने और 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मैं 2023 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हूं। लेकिन अगर समान और निष्पक्ष मौका नहीं मिलेगा तो मुझे नौकरी कैसे मिलेगी? मैं मुख्यमंत्री सोरेन से हमारी मांगों को सुनने की अपील करती हूं।”

पलामू की अर्चना कुमारी ने कहा कि प्रदर्शनकारी तब तक आंदोलन जारी रखेंगे, जब तक सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदारी तय नहीं करती।

लातेहार जिले के बालूमाथ निवासी छात्र श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा, “राज्य सरकार अभी भी सोई हुई है। हमें पूरे देश से समर्थन मिल रहा है। कई शहरों के लोग प्रदर्शन स्थल पर खाने-पीने की चीजें भेज रहे हैं। हम उन लोगों के आभारी हैं जो प्रदर्शन जारी रखने में हमारी मदद कर रहे हैं।’

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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