केरल में चोलानायक्कन जनजाति के सदस्य सरकारी दस्तावेज लेने जंगल से बाहर आए

केरल में चोलानायक्कन जनजाति के सदस्य सरकारी दस्तावेज लेने जंगल से बाहर आए

केरल में चोलानायक्कन जनजाति के सदस्य सरकारी दस्तावेज लेने जंगल से बाहर आए
Modified Date: August 2, 2026 / 10:10 pm IST
Published Date: August 2, 2026 10:10 pm IST

मलप्पुरम (केरल), दो अगस्त (भाषा) चोलानायक्कन जनजाति के सदस्य रविवार को सरकारी दस्तावेज प्राप्त करने के लिए जंगल से बाहर आए। इस समुदाय को एशिया में गुफाओं में रहने वाले अंतिम आदिवासी समुदायों में से एक माना जाता है। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किया गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि जनजाति के सदस्य जिले के करुलाई आरक्षित वन क्षेत्र के मंचीरी और जिले के अमरंबलम पंचायत में चक्कीकुझी वन क्षेत्र सीमा अंतर्गत वडक्केकोट्टा पहाड़ियों से आए थे।

अधिकारियों के अनुसार, जनजाति के बुजुर्ग मथन के नेतृत्व में छह सदस्यीय दल अचानानाला से चक्कीकुझी वन चौकी तक करीब आठ किलोमीटर पैदल जंगल का रास्ता तय करके पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि वहां से उन्हें वन विभाग के वाहन से नीलांबुर में आयोजित जनसुनवाई शिविर में लाया गया।

चोलानायक्कन समुदाय के लोग मुख्य रूप से जंगल से मिलने वाले उत्पादों पर अपनी आजीविका निर्भर रखते हैं और बहुत कम ही जंगल से बाहर निकलते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि शिविर में समुदाय के पांच सदस्यों को स्वास्थ्य कार्ड और जाति प्रमाण पत्र दिए गए। उन्होंने बताया कि दो सदस्यों के बैंक खाते खोले गए, जबकि एक सदस्य को राशन कार्ड प्रदान किया गया।

लाभार्थियों ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास मंत्री के. ए. तुलसी और नीलांबुर के विधायक आर्यादन शौकत से मुलाकात करके प्रसन्नता जतायी और इसके बाद वापस जंगल लौट गए।

अधिकारियों के अनुसार, करुलाई वन क्षेत्र के मंचीरी से चोलानायक्कन समुदाय के कुल 20 सदस्यों को विभिन्न सरकारी प्रमाण पत्र दिलाने के लिए वन विभाग जनसुनवाई शिविर में लेकर आया था।

भाषा अमित प्रशांत

प्रशांत


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