फर्जी सोना ऋण मामले में बैंक अधिकारी गिरफ्तार, 2.12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप

फर्जी सोना ऋण मामले में बैंक अधिकारी गिरफ्तार, 2.12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप

फर्जी सोना ऋण मामले में बैंक अधिकारी गिरफ्तार, 2.12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
Modified Date: August 31, 2026 / 06:25 pm IST
Published Date: August 31, 2026 6:25 pm IST

भुवनेश्वर, 31 अगस्त (भाषा) ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने फर्जी तरीके से स्वर्ण ऋण मंजूर करने और 2.12 करोड़ रुपये के गबन के आरोप में एक बैंक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक की जोड़ा शाखा के तत्कालीन प्रबंधक सत्यव्रत भोई के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, उसे बैंक के बालासोर क्षेत्र प्रमुख आशुतोष सुशील कुमार पटनायक की ओर से दर्ज कराये गए एक मामले के आधार पर गिरफ्तार किया गया।

भोई को रविवार को गिरफ्तार किया गया और उसे ओडिशा जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय प्रतिष्ठानों में) अधिनियम, 2011 के तहत गठित एक विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

ईओडब्ल्यू के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत के अनुसार, जून 2023 से जून 2024 के बीच तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने अन्य बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी सोने के आभूषणों के आधार पर बिना उचित दस्तावेजों के 100 स्वर्ण ऋण मंजूर किए और 2.12 करोड़ रुपये वितरित किए।

अधिकारी ने बताया कि 100 स्वर्ण ऋण खातों में से 23 खाते बंद हो चुके हैं, जबकि 76 खाते अब भी बकाया हैं। 18 अगस्त, 2026 तक इन 76 सक्रिय खातों में बकाया राशि 1.97 करोड़ रुपये है।

जांच के दौरान ईओडब्ल्यू को पता चला कि आरोपी ने जानबूझकर ऋण राशि मंजूर की और संबंधित उधारकर्ताओं की जानकारी या सहमति के बिना उनके खातों में रकम जमा कर दी। ईओडब्ल्यू को पता चला कि इसके बाद उसने इन पैसों को अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया।

अधिकारी ने कहा कि अंतत: यह राशि आरोपी और उसके सहयोगियों से जुड़े खातों में भेज दी गई, जिससे पूरी ऋण राशि का गबन किया जा सके और वास्तविक धन के लेन-देन को छिपाने का प्रयास किया गया।

भाषा अमित माधव

माधव


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