Unique Wedding Traditions India : 350 सालों से इस गांव के किसी घर में नहीं हुई शादी! वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान, चामुंडा माता का है ये चमत्कार

Barmer जिले के आटी गांव में पिछले 350 वर्षों से विवाह केवल Chamunda Mata Temple में ही कराए जाते हैं। ग्रामीण मानते हैं कि मंदिर के बाहर शादी करने पर संतान सुख नहीं मिलता।

Unique Wedding Traditions India : 350 सालों से इस गांव के किसी घर में नहीं हुई शादी! वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान, चामुंडा माता का है ये चमत्कार

Unique Wedding Traditions India / Image Source : IBC24 / AI GENERATED

Modified Date: March 21, 2026 / 07:37 pm IST
Published Date: March 21, 2026 7:35 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 350 साल से घर के आंगन में शादी की रस्म नहीं हुई।
  • सभी विवाह Chamunda Mata Temple में ही संपन्न होते हैं।
  • नवविवाहित जोड़े मंदिर में रुककर सुबह पूजा के बाद विदा होते हैं।

बाड़मेर: Unique Wedding Traditions India भारत अपनी विविध आस्थाओं और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है, लेकिन राजस्थान के बाड़मेर जिले का आटी गांव एक ऐसी प्रथा का पालन कर रहा है जो आज के दौर में किसी चमत्कार से कम नहीं लगती। इस गांव में पिछले 350 सालों से किसी भी घर के आंगन में शादी की रस्में संपन्न नहीं हुई हैं। यहाँ हर विवाह केवल चामुंडा माता मंदिर की चौखट पर ही पूरा किया जाता है।

संतान सुख के लिए सख्त परंपरा

ग्रामीणों की गहरी मान्यता है कि यदि शादी मंदिर परिसर में न हो, तो नवविवाहित जोड़े को संतान सुख की प्राप्ति नहीं होती। इसी डर और अटूट श्रद्धा के कारण यहाँ मेघवाल समाज के जयपाल गोत्र के लोग सदियों से इस नियम का सख्ती से पालन कर रहे हैं। यहाँ तक कि बारात आने के बाद दुल्हन को रातभर मंदिर में ही ठहराया जाता है, जहाँ जागरण के बाद अगली सुबह पूजा करके ही उसे विदा किया जाता है।कहा जाता है कि करीब 350 साल पहले जैसलमेर के खुहड़ी गांव से जयपाल गोत्र के लोग यहाँ आकर बसे थे। वे अपने साथ अपनी कुलदेवी चामुंडा माता की मूर्ति भी लाए थे। तत्कालीन जमींदार हमीर सिंह राठौर ने उन्हें यहाँ बसने की जगह दी, जिसके बाद मंदिर का निर्माण हुआ और तभी से विवाह की यह अनोखी परंपरा शुरू हो गई जो आज भी बदस्तूर जारी है।

आशीर्वाद का विधान

भादवा और माघ सुदी सप्तमी पर यहाँ भव्य मेला लगता है। इस दौरान देशभर से नवविवाहित जोड़े यहाँ पहुँचते हैं और अपनी शादी के जोड़े माता के चरणों में अर्पित कर सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद लेते हैं।

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लेखक के बारे में

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