बंगाल भाजपा प्रमुख का पार्टी नेताओं को कड़ा संदेश; प्रस्तावित एसआईआर में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

बंगाल भाजपा प्रमुख का पार्टी नेताओं को कड़ा संदेश; प्रस्तावित एसआईआर में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

बंगाल भाजपा प्रमुख का पार्टी नेताओं को कड़ा संदेश; प्रस्तावित एसआईआर में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
Modified Date: October 22, 2025 / 04:56 pm IST
Published Date: October 22, 2025 4:56 pm IST

कोलकाता, 22 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने पार्टी नेताओं से कहा है कि वे प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को “करो या मरो मिशन” समझें और आगाह किया कि अगर यह काम सफल नहीं हुआ तो राज्य में पार्टी को अपनी जड़ें खोने का खतरा रहेगा।

इस सप्ताह की शुरुआत में राज्य के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिला इकाई के अध्यक्षों और बूथ-स्तरीय एजेंट (बीएलएल-2) के प्रशिक्षण प्रभारी नेताओं के साथ देर रात ऑनलाइन माध्यम से हुई बैठक में भट्टाचार्य ने स्पष्ट तौर पर कहा कि अगर एसआईआर अभियान सफल नहीं हुआ तो उनके “वातानुकूलित कमरे और सुसज्जित पार्टी कार्यालय” बेकार हो जाएंगे।

बैठक में मौजूद पार्टी सूत्रों ने भट्टाचार्य के हवाले से कहा, “अगर आप एसआईआर को सफल कराने के लिए मेहनत नहीं करेंगे, तो आपके एसी वाले कमरे और खूबसूरत पार्टी कार्यालय खत्म हो जाएंगे। आपको ऑनलाइन बैठक में हिस्सा लेने के लिए भी लोग नहीं मिलेंगे।”

बंगाल में भाजपा का शीर्ष नेतृत्व एसआईआर प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए जिलों में लगातार समीक्षा सत्र आयोजित कर रहा है। पार्टी का मानना है कि यह प्रक्रिया बहुत जरूरी है ताकि राज्य की मतदाता सूची में मौजूद “फर्जी और झूठे” नामों को हटाया जा सके।

पार्टी के आंतरिक सूत्रों के अनुसार, भट्टाचार्य की टिप्पणी संगठन के उन वर्गों पर लक्षित थी जो इस काम को “सिर्फ एक आम राजनीतिक गतिविधि” समझकर हल्के में ले रहे हैं।

उन्होंने कथित तौर पर आगाह किया कि अगर एसआईआर को लागू करने में कोई लापरवाही हुई तो 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले यह पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, भट्टाचार्य ने बैठक में कहा, “जो लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ उनकी आम राजनीतिक गतिविधियों में से एक है, वे गलतफहमी में हैं। अगर जमीनी स्तर पर चूक हुई, तो आगामी विधानसभा चुनाव के बाद बंगाल में भाजपा की राजनीतिक ताकत को नुकसान हो सकता है।”

उन्होंने आगाह किया कि अगर भाजपा एसआईआर की निगरानी प्रक्रिया पर अपनी पकड़ मजबूत नहीं करती है, तो तृणमूल कांग्रेस “हर जिले के पार्टी कार्यालय पर कब्जा कर लेगी।”

एक प्रतिभागी के अनुसार भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, “2026 के बाद, आपके पास बैठने के लिए शायद कोई कार्यालय भी न बचे। जिलों में आपके द्वारा गर्व से बनाए गए आलीशान कार्यालय, सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा कब्जा कर लिए जाएंगे।”

भट्टाचार्य का कड़ा संदेश बंगाल के 294 विधानसभा क्षेत्रों में से अधिकांश में मतदाताओं की संख्या में “असामान्य वृद्धि” को लेकर भाजपा की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।

पार्टी पदाधिकारियों का दावा है कि 2011 से अब तक मतदाता सूची में 35 प्रतिशत से अधिक मतदाता जुड़े हैं, जो 15 वर्षों में 20-21 प्रतिशत की “स्वाभाविक” वृद्धि दर से कहीं ज्यादा है।

भाजपा के आंतरिक आकलन में 250 से अधिक ऐसे निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान की गई है जहां मतदाताओं की संख्या में वृद्धि कथित तौर पर “असामान्य” है।

भाषा खारी नरेश

नरेश


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