अयोध्‍या में होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक के लिए पहुंचने लगे सदस्य

अयोध्‍या में होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक के लिए पहुंचने लगे सदस्य

अयोध्‍या में होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक के लिए पहुंचने लगे सदस्य
Modified Date: July 21, 2026 / 03:47 pm IST
Published Date: July 21, 2026 3:47 pm IST

अयोध्या (उप्र), 21 जुलाई (भाषा) भगवान श्री रामलला मंदिर के दान में गबन के विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास (ट्रस्ट) की बुधवार को होने वाली दूसरी बैठक के लिए इसके सदस्य मंगलवार को अयोध्या पहुंचने लगे हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि बैठक में शामिल होने के लिए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरि और सदस्य विश्व तीर्थ प्रपन्नाचार्य, वासुदेवानंद सरस्वती और कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन मंगलवार दोपहर अयोध्या पहुंच गए हैं।

ट्रस्ट के अनुसार, राम मंदिर परिसर में दोपहर तीन बजे एक विशेष बैठक तय की गई है, जिसके बाद शाम चार बजे ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के ‘मणिराम छावनी’ परिसर में ट्रस्ट की नियमित बैठक होगी।

कृष्ण मोहन की ओर से सात जुलाई को न्यासियों को भेजे गए पत्र में बैठक का एजेंडा साझा किया गया था। इसके अनुसार, 22 जुलाई की बैठक में छह जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक और उसी दिन अपराह्न तीन बजे आयोजित विशेष बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की जाएगी।

बैठक में ट्रस्ट के नियमों के अनुरूप विभिन्न समितियों के पुनर्गठन पर भी चर्चा होगी।

सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान ट्रस्ट महासचिव के पद और न्यासियों के तीन खाली पदों पर विचार-विमर्श करेगा और राम मंदिर के पहले सीईओ के चयन की प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दिया जा सकता है।

राम मंदिर दान गबन के मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे और हाल ही में ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद, ट्रस्ट में तीन पद खाली हैं।

सूत्रों ने कहा कि नए सदस्यों के साथ-साथ नए महासचिव की नियुक्ति पर भी चर्चा संभावित है।

दान गबन मामले में विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट उच्‍च न्‍यायालय में सौंप दी गई है।

सूत्रों ने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट शीर्ष अदालत में सौंपी गई एसआईटी रिपोर्ट पर भी विचार-विमर्श कर सकता है।

छह जुलाई को हुई बैठक चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की पहली बैठक थी।

जून के पहले हफ़्ते में राम मंदिर के लिए मिले चढ़ावे में गबन का मामला सामने आया। इसके बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोपों की जांच के लिए 13 जून को एक एसआईटी बनाई और उसे शुरुआती तौर पर जांच के लिए 15 दिन का समय दिया।

एसआईटी में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और विशेष सचिव (वित्‍त) नील रतन शामिल थे। 23 जून को एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, आठ आरोपियों – अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान, पुलिस ने कई आरोपियों से नकद बरामद किया।

भाषा सं आनन्द शफीक

शफीक


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