बंगाल एनईपी 2020 के पूर्ण क्रियान्वयन पर काम रहा है, एनसीईआरटी के साथ करेगा करार: मंत्री
बंगाल एनईपी 2020 के पूर्ण क्रियान्वयन पर काम रहा है, एनसीईआरटी के साथ करेगा करार: मंत्री
कोलकाता, 24 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने सोमवार को कहा कि राज्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के पूर्ण क्रियान्वयन की दिशा में काम कर रहा है तथा अध्यापक सहयोग के लिए शीघ्र ही राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करेगा।
न्यू टाउन के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय कार्यशाला में जिला स्कूल निरीक्षकों और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए बर्मन ने कहा कि राज्य एनईपी 2020 को लागू करने में ‘थोड़ा पीछे’ है और इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की कोशिशें चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एनसीईआरटी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने की तैयारी भी कर रही है ताकि शिक्षकों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किये जा सकें तथा नयी शिक्षा नीति को लागू करने के लिए तकनीकी और शैक्षणिक मार्गदर्शन मिल सके।
मंत्री ने कहा,‘‘इस समझौते के जरिए एनसीईआरटी हमारा मार्गदर्शन करेगा। वह हमें इसे लागू करने में आने वाली मुश्किलों को दूर करने में मदद करेगा – चाहे वह तकनीकी दिक्कतें हों या फिर इस नीति को स्कूल स्तर तक ले जाने की बात हो।’’
बर्मन ने कहा कि राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा (एनसीएफ) पाठ्यपुस्तकों और पाठ्यक्रम को तैयार करने में मार्गदर्शन करेगा तथा इसमें यह भी शामिल होगा कि विद्यार्थियों को क्या पढ़ाया जाए, कैसे पढ़ाया जाए और उनके सीखने का आकलन कैसे किया जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘नयी नीति के तहत तैयार की जाने वाली पाठ्य पुस्तकें 2028 के शैक्षणिक वर्ष से लागू की जाएंगी। इसके लिए हमें एनसीईआरटी का सहयोग मिलेगा।’’
उन्होंने कहा कि राज्य का पाठ्यक्रम तैयार करते समय राज्य की पाठ्यक्रम समिति एनसीएफ से मार्गदर्शन लेगी।
महाविद्यालयों के संचालन मंडल के गठन और विधायकों, सांसदों और मंत्रियों की संभावित भूमिका के बारे में पूछे जाने पर बर्मन ने कहा कि राज्य अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं का पालन करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी और के बताये रास्ते पर नहीं चलना चाहते हैं। हमारा अपना तंत्र, अपनी नीतियां और परंपराएं हैं और काम उसी के अनुसार होगा। आने वाले दिनों में आप समझ जाएंगे कि हमारे महाविद्यालय कैसे काम कर रहे हैं।’’
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश

Facebook


