राष्ट्रपति मुर्मू पर टिप्पणी को लेकर अलोचनाओं में घिरे बंगाल के मंत्री अखिल गिरि, माफी मांगी

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राष्ट्रपति मुर्मू पर टिप्पणी को लेकर अलोचनाओं में घिरे बंगाल के मंत्री अखिल गिरि, माफी मांगी

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  • Publish Date - November 12, 2022 / 06:21 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:54 PM IST

नयी दिल्ली, 12 नवंबर (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर पश्चिम बंगाल के मंत्री अखिल गिरि को शनिवार को व्यापक रूप से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। एक वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद गिरि ने अपने विवादित बयान के लिए माफी मांग ली।

गिरि को 17 सेकंड के इस वीडियो में ‘राष्ट्रपति के रूप’ के बारे में कथित तौर पर टिप्पणी करते हुए सुना जा सकता है। हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ स्वतंत्र रूप से इस वीडियो को प्रमाणित नहीं कर सका।

कोलकाता समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर गिरी को मंत्री पद से बर्खास्त करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की।

राज्य के सुधार गृह मंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता गिरि को शुक्रवार देर शाम नंदीग्राम के एक गांव में एक रैली में कहते सुना गया कि, “उन्होंने (भाजपा) कहा कि मैं अच्छा नहीं दिखता हूं। हम किसी को उसके रूप से नहीं आंकते। हम (भारत के) राष्ट्रपति के पद का सम्मान करते हैं। लेकिन हमारी राष्ट्रपति कैसी दिखती हैं?”

लेकिन इसके बाद शनिवार की सुबह संवाददाताओं से बातचीत के दौरान गिरि ने बयान के लिए माफी मांगी।

गिरी ने एक समाचार चैनल से कहा, ‘‘ मेरा आशय माननीय राष्ट्रपति का अनादर करने से नहीं था। मैं केवल उन बयानों का जवाब दे रहा था जो भाजपा नेताओं ने मुझ पर हमला करते हुए दिये हैं। हर दिन अपने रूप के कारण मैं मौखिक हमले का शिकार होता हूं। यदि किसी को लगता है कि मैंने राष्ट्रपति का अनादर किया है, तो मैं इस बयान के लिए माफी मांगता हूं। देश के राष्ट्रपति का मैं बहुत सम्मान करता हूं।’’

गिरी ने कहा कि भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी उनके और उनके रूप के खिलाफ जिस तरह के बयान देते हैं उससे वह खुद को अपमानित और व्यथित पाते हैं।

तृणमूल के 63 वर्षीय विधायक गिरी ने कहा कि वह एक बुजुर्ग व्यक्ति हैं और गलती से मैंने अपने गुस्सा भरे इजहार के तहत यह बयान दे दिया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंत्री अखिल गिरि को बर्खास्त करने की मांग की है। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से गिरि के बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और यह स्पष्ट करने को कहा कि किसके इशारे पर उन्होंने इस तरह की ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘अभद्र’ टिप्पणी की।

मुंडा ने कहा कि उन्होंने 10 करोड़ से अधिक आदिवासियों की भावनाओं को आहत किया है और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को चोट पहुंचाई है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यदि संविधान के मूल्यों की रक्षा करने का संकल्प लेने वाला एक मंत्री इस तरह का आपत्तिजनक बयान देता है तो उसे निश्चित रूप से बर्खास्त किया जाना चाहिए।

भाटिया ने कहा कि ममता बनर्जी को मिसाल कायम करते हुए इस तरह के नेता को अपनी पार्टी से निष्कासित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन जनजातीय समुदाय की एक महिला के खिलाफ गिरि की टिप्पणी ने हर देशवासी की भावनाओं को आहत किया है।

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख सुकांत मजुमदार ने कहा कि गिरि की यह टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस की जनजातीय विरोधी मानसिकता को दर्शाती है।

भाजपा के राष्ट्रीय सूचना एंव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी कैबिनेट के मंत्री ने राष्ट्रपति का अपमान किया है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता सौमित्र खान ने इस बयान को घृणित करार दिया।

तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि वह इस तरह के बयान का समर्थन नहीं करती, लेकिन नेताओं के इस तरह के व्यक्तिगत बयान की जिम्मेदारी पार्टी नहीं लेती।

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ हम लोगों के व्यक्तिगत बयान पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। पार्टी इस तरह के बयान का ना तो समर्थन करती है और ना ही इसकी जिम्मेदारी लेती है। देश के राष्ट्रपति का हम बहुत सम्मान करते हैं।’’

इस बीच, पूर्वी मिदनापुर जिले के एक स्थानीय नेता ने कहा कि उसने नंदीग्राम पुलिस थाने में गिरि के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन पुलिस ने कहा कि उसे गिरि के खिलाफ अभी ऐसी शिकायत नहीं मिली है।

भाषा

संतोष माधव

माधव