कोलकाता, तीन जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के नरेंद्रपुर स्थित रामकृष्ण मिशन विद्यालय के एक छात्र की कथित तौर पर गर्म चाय पीने से मौत होने के कुछ दिन बाद आवासीय विद्यालय प्रशासन ने ‘‘अपरिहार्य परिस्थितियों’’ का हवाला देते हुए पांच जुलाई से अपने छात्रावासों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का फैसला किया है।
संबंधित अधिकारियों ने घोषणा की कि अगली सूचना तक कक्षाएं स्थगित रहेंगी और कक्षा पांचवीं से दसवीं तक के सभी विद्यार्थियों को छात्रावास खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
संस्थान की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक नोटिस में अभिभावकों से कहा गया है कि वे शनिवार को अपराह्न डेढ़ बजे के बाद अपने बच्चों को छात्रावास से घर ले जाएं।
इसमें कहा गया है कि सभी भवन (छात्रावास) पांच जुलाई से बंद रहेंगे।
अधिकारियों ने कहा कि छात्रों के छात्रावास में वापसी की तिथि की सूचना बाद में दी जाएगी।
संस्थान के सचिव स्वामी शास्त्रज्ञानानंद द्वारा हस्ताक्षरित नोटिस में कहा गया है, ‘‘इससे हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। हम आपके सहयोग की अपेक्षा करते हैं।’’
संस्थान के कक्षा 12वीं के छात्र दिप्तांग्शु महतो की मंगलवार को स्कूल में गर्म चाय पीने के कुछ घंटों बाद मौत हो गई थी।
एक चिकित्सक ने कहा कि भोजन नली और श्वासनली में रक्तस्राव छात्र की मौत का कारण हो सकता है। उन्होंने कहा कि हालांकि, मौत के सही कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
छात्र की मौत के बाद व्यापक विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए। इसके बाद प्रधानाचार्य स्वामी इष्टेशानंद ने इस्तीफा देने की पेशकश की, जबकि छात्रों के उत्पीड़न के आरोपों के कारण संस्थान ने तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।
एक अधिकारी ने बताया कि दिप्तांग्शु के पिता द्वारा स्कूल प्रशासन के खिलाफ घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराये जाने के बाद पुलिस ने छात्र की मौत की जांच शुरू कर दी।
उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या तथा अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘संस्थान को लेकर किसी प्रकार की कोई विशेष सुरक्षा चेतावनी या खतरे की सूचना नहीं मिली है। पूरे क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है और हम स्कूल प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। स्कूल का छात्रावास बंद करने का फैसला एहतियातन लिया गया है।’’
भाषा
देवेंद्र पवनेश
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